आयकर विभाग ने बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान बड़ी कार्रवाई की है. इसके तहत राज्य के चार जिलों में करीब दर्जनभर ठेकेदारों और व्यवसायियों के यहां एक साथ छापेमारी की गयी. इनमें दो बड़े ठेकेदार नल जल योजना से जुड़े हैं. इन सभी ठेकेदारों के पास से तीन करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किये गये हैं.
आयकर की यह छापेमारी एक साथ सभी स्थानों पर गुरुवार की सुबह नौ बजे से शुरू हुई और देर रात तक चलती रही. पटना, कटिहार, भागलपुर और गया जिलों में यह छापेमारी हुई है. गया में स्टोन चिप का व्यापार करने वाले आठ से ज्यादा व्यापारियों के यहां विस्तृत सर्वे किया गया है. इसमें टैक्स की गड़बड़ी से संबंधित मामले बड़ी संख्या में सामने आये हैं. इन्हें उचित टैक्स जमा करने से संबंधित नोटिस थमाया गया है.
पटना में दो कंपनियों और इनके मालिकों के यहां छापेमारी की गयी है. ये दोनों मुख्य रूप से नल-जल योजना के तहत ठेकेदारी करते हैं. इसमें गणाधिपति कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक जनार्दन प्रसाद और नालंदा इंजिकॉम प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विवेकानंद कुमार एवं सरयू प्रसाद शामिल हैं.

इन दोनों के पटना में 15 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी है. इसमें जनार्दन प्रसाद मूल रूप से गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं. पटना में इनका हनुमान नगर में दो और पाटलिपुत्र कॉलोनी में एक मकान है. हनुमान नगर का एक मकान पूरी तरह से कॉमर्शियल है.
इसके अलावा कुछ दिनों पहले इन्होंने दीघा में बंद बड़ी एक महाकाली मिलिंग कंपनी की बड़ी प्रोपर्टी भी खरीदी है. इनके हनुमान नगर के काली मंदिर रोड और पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित आवास से दो करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किये गये हैं. इसके अलावा 20 से ज्यादा संपत्ति के कागजात मिले हैं, जिसमें नोएडा, पटना और गाजियाबाद में प्लॉट और फ्लैट के दस्तावेज शामिल हैं. अब तक की जांच में 25 से 30 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है.
इसके अलावा पटना के नालंदा इंजिकॉम प्राइवेट लिमिटेड के विवेकानंद कुमार और सरयू प्रसाद के नौ से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गयी है. इसमें कंकड़बाग एवं अगमकुआं में इनके आवासीय परिसर से 67 लाख कैश मिला है. इनके पैतृक घर हिलसा में भी छापेमारी की गयी है, जहां से बड़ी संख्या में संपत्ति के दस्तावेज बरामद किये गये हैं. इनके पास से करीब एक दर्जन स्थानों पर संपत्ति के कागजात मिले हैं. इसमें पुणे और इंदौर में भी दो मकान का पता चला है.
इन दोनों स्थानों पर भी आयकर की जांच शुरू कर दी गयी है. नालंदा इंजिकॉम कंपनी मुख्य रूप से नल-जल योजना का ठेका लेती है और इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी ठेका का काम करती है. इनके पास से भी निवेश और जमीन से जुड़े काफी कागजात बरामद किये गये हैं. फिलहाल इनकी जांच चल रही है.
भागलपुर और कटिहार में भी छापेमारी, 50 लाख से ज्यादा जब्त
आयकर ने भागलपुर में ठेकेदार ललन कुमार और इनकी कंपनी डिवाइन लोटस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और लोटस कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के सभी ठिकानों पर छापेमारी की गयी है. इस दौरान 50 लाख से ज्यादा कैश बरामद किये गये हैं. इसके अलावा इनके पास भी संपत्ति के काफी दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच चल रही है.
इसके अलावा कटिहार के ठेकेदार उमाकांत सिंह के यहां भी गहन छापेमारी की गयी है. इनके पास के करीब 10 लाख कैश के अलावा जमीन-जायदाद के कागजात मिले हैं. फिलहाल इनकी जांच चल रही है. ये दोनों ठेकेदार मुख्य रूप से कई सरकारी योजनाओं की ठेकेदारी करते हैं.
source: Prabhatkhabar


