भागलपुर : शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा से पेशी को मधुबनी कोर्ट भेजे गए चार बंदियों में शामिल कुख्यात राजेश साह का पुलिस अभिरक्षा से भाग जाने मामले में रहस्य से पर्दा उठने लगा है। राजेश जेल गेट के सामने आने पर बस की खिड़की से कूद कर नहीं कुरसेला स्थित एक ढाबे से भाग निकला था। कुरसेला स्थित एक ढाबे में बंदियों को ला रही बस रुकी थी।
वहां मटन और तंदूरी रोटी बंदियों और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने खाया था। पेशी को गए बंदियों की माने तो मटन पार्टी बाद बस पर सवार होने के क्रम में ही अंधेरे का लाभ उठा राजेश भाग निकला। बंदियों ने कहा बस पर सवार होने के क्रम में सुरक्षाकर्मियों का ध्यान इस ओर नहीं जा सका कि राजेश है भी या नहीं। वहां से बस के रवाना होने के बाद सीधे जेल गेट के पास ही आकर रुकी। बंदियों को बस से उतारने के क्रम में सुरक्षाकर्मियों को इस बात का एहसास हुआ। कारा प्रशासन ने शेष बंदियों की आमद लेने से इनकार कर दिया। कहा जा रहा है कि उसके बाद ही प्राथमिकी का प्लाट तैयार किया गया।

बरारी थाने में कुख्यात राजेश साह के भाग जाने की प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस केंद्र में तैनात सहायक अवर निरीक्षक मुहम्मद मुख्तार अहमद की ओर से राजेश के भाग जाने संबंधी दर्ज कराई गई। अब दर्ज प्राथमिकी पर भी सवाल उठने लगा है। प्रशासनिक आदेश पर मधुबनी से भागलपुर जेल में रखे गए रामा यादव, भीम यादव, सुनील यादव और राजेश साह में राजेश का जेल गेट के सामने से बस की खिड़की से भाग निकलना किसी को हजम भी नहीं हो रहा था। बड़े बाहुबली, कुख्यात, रसूखदार नेता या माफिया की पेशी में यह बात अरसे से सामने आती रही है कि वह जेल से कोर्ट जाने के क्रम में नियमों की धज्जियां उड़ा दी।
भागलपुर से पेशी को पटना भेजे गए एक कुख्यात ने वापसी में कैदी वैन को सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से अपने घर तक लेते चला गया था। उस मामले में जांच बाद कार्रवाई भी हुई थी। भागलपुर की जेल से वर्षों पूर्व खगडिय़ा के एक बाहुबली कैदी जेल से बाहर निकल कर हवाई अड्डे पर एक केंद्रीय मंत्री के स्वागत में शामिल हो गया था। ऐसा पुलिसकर्मियों की मिली भगत से ही संभव हुआ था। तब वह घटना काफी दिनों तक सुर्खियों में रही थी।


