गंगा और अन्य नदियों में उफान में कई जिलों में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गयी है। लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया और कटिहार जिलों में गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है।
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लखीसराय में गंगा एवं किऊल नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण बाढ़ की स्थिति विकराल होने लगी है। गुरुवार को पिपरिया अंचल क्षेत्र में अंचल निरीक्षक अनिल कुमार ने पथुआ, पथुआ रजक टोला, वकी बिंद टोली, कन्हरपुर, डीह पिपरिया, बसौना, रामनगर सहित अन्य का भ्रमण कर बाढ़ का आकलन किया। इधर जिला प्रशासन अब भी गांव एवं लोगों को बाढ़ से प्रभावित नहीं मान रहा है।
प्रशासन का कहना है कि गंगा के निचले इलाके एवं किसानों के खेतो में ही बाढ़ का पानी फैला है, इसलिए कृषि विभाग को फसल नुकसान का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

मुंगेर जिले के छह प्रखंडों में बाढ़ की स्थिति भयावह होते जा रही है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 39.07 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। इस कारण जिले के दर्जनों गांव में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। उफनाती गंगा की तेज धार की वजह से गंगा नदी से सटे कई गांव कटाव की चपेट में आ गए हैं।
सीताकुंड डीह पासवान टोला के कई लोगों का शौचालय की टंकी गंगा नदी में प्रवाहित हो गई है। प्रशासन की ओर से लाल निशान का इंतजार किया जा रहा है। जो अब महज 26 सेंटीमीटर बच गया है।

खगड़िया में गंगा व बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। जलस्तर में वृद्धि से ग्रामीण सहमे हुए हैं। गुरुवार को गंगा खतरे के निशान से 117 सेमी व बूढ़ी गंडक 84 सेमी उपर बह रही थी। जलस्तर में वृद्धि के कारण गोगरी नगर पंचायत के शारदा नगर बाढ़ से पूर्ण रूप से प्रभावित हो चुका है। यहां के अधिकांश परिवार विस्थापित होकर जीएन या दूसरे बांध पर शरण लिए हैं बोरना पंचायत के कई स्कूलों में पानी घुसने से वहां पढ़ाई बंद है।
कटिहार जिले में सभी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। जिले के बरारी, कुर्सेला, मनिहारी, अमदाबाद, आजमनगर, प्राणपुर आदि प्रखंडों के कुछ गांव में आंशिक रूप से बाढ़ के चपेट में आ चुके हैं। महानंदा नदी आजमनगर और धबौल में गंगा नदी का जलस्तर काढ़गोला में, बरंडी नदी का जलस्तर डुमर में एनएच 31 के पास, कोसी नदी का जलस्तर कुरसेला रेलवे के पास तथा कारी कोसी नदी नगर निगम क्षेत्र के शरीफगंज के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

