पूर्णिया : पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को कोसी-सीमांचल में थे। उन्होंने कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, सहरसा और अररिया में विभिन्न थानों का निरीक्षण करने के अलावा पुलिस अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लंबित मामलों के जल्द निष्पादन का भी निर्देश दिया। सहरसा में उन्होंने मां उग्रतारा के मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
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डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय कैपिटल एक्सप्रेस से कटिहार पहुंचे। कुछ देर परिसदन में रुकने के बाद वह पूर्णिया के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने रौतारा थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने कोढ़ा गिरोह पर नकेल कसने का निर्देश दिया। पूर्णिया में वह सबसे पहले मुफ्फसिल थाना पहुंचे। डीजीपी ने स्टेशन डायरी को देख थानेदार से विधि-व्यवस्था की जानकरी ली। जमीन विवाद में जल्द कार्रवाई करने और शराब कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करने का उन्होंने निर्देश दिया। उन्होंने सदर थाने का भी निरीक्षण किया। डीजीपी के साथ पूर्णिया प्रक्षेत्र के आइजी विनोद कुमार, एसपी विशाल शर्मा, प्रशिक्षु आइपीएस प्रमोद कुमार यादव, सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडेय आदि भी थे। इसके बाद उन्होंने जलालगढ़ थाने का निरीक्षण किया। यहां से सुपौल पहुंचकर उन्होंने सदर थाने का निरीक्षण किया। मौके पर कोसी रेंज के डीआइजी सुरेश चौधरी भी मौजूद थे।

नशा खत्म होने पर 60 फीसद कम हो जाएगा अपराध : पुलिस महानिदेशक
सहरसा : रविवार को कला भवन में आयोजित कोशी शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे बिहार के पुलिस महानिदेशक ने कहा कि नशा का अपराध के साथ संबंध है। अगर पूरे देश में सभी तरह के नशे का प्रयोग बंद हो जाए तो अपराध में 60 फीसद की कमी आ जाएगी। जात-पात, धर्म, संप्रदाय के नाम पर अपराधियों को संरक्षण नहीं देने का संकल्प भी लेना होगा। शराब मनुष्यता को मारने वाला विष है और इससे अच्छाई खत्म हो जाती है। उन्होंने शराबबंदी कानून की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में अब कोई माई का लाल नहीं है कि शराब पीकर चौक-चौराहों पर उपद्रव मचा सके। इससे पूर्व डीजीपी ने कोशी शिखर सम्मेलन में बनी पेटिंग प्रदर्शनी का मुआयना किया। उन्होंने खुद जाता भी चलाया और लकड़ी के बने ओखल में मूसल से कुटाई की।
प्रदर्शनी में पुराने जमाने में पिसाई के लिए प्रयुक्त किये जाने वाले जाता को चलाकर देखते डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय
पटना : पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय के आदेश की अवहेलना करना करीब आधा दर्जन जिलों के पुलिस कप्तानों को महंगा पड़ा। रविवार को पुलिस सुपरविजन को लेकर लापरवाही करने वाले जिलों के पुलिस कप्तानों को डीजीपी ने कड़ी फटकार लगाई । पुलिस मुख्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस महानिदेशक ने पूर्व में ही सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया था कि एसपी स्वयं कम से कम पांच मामलों का सुपरविजन करें।

