भागलपुर : बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वर्तमान राजद विधायक तेजप्रताप यादव भोले का रूप धारण कर रविवार को सुल्तानगंज पहुंचे। यहां पहुंचते ही स्थानीय राजद कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। वे सड़क मार्ग होते हुए निजी वाहन से सुल्तानगंज पहुंचे थे। तेजप्रताप ने इसके बाद कुछ देर सुल्तानगंज में एक निजी आवास में आराम किया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में तेजप्रताप के सुल्तानगंज पहुंचने की चर्चा हो गई।

गंगा स्नान किया, लोगों ने ली सेल्फी

शाम करीब चार बजे वाहन से तेजप्रताप अपने कई सहयोगियों के साथ सुल्तानगंज सीढ़ी घाट पहुंचे। जहां उन्होंने गंगा स्नान किया। इस दौरान वे चित परिचित अंदाज में दिखे। स्नान के दौरान उनके साथ सेल्फी लेने वालों की होड़ लग गई। राजद कार्यकर्ताओं ने अलावा अन्य कांवरियों और लोगों ने भी उनके साथ सेल्‍फी ली। रास्ते से गुजरने के दौरन भी दर्जनों लोग उनके साथ अपनी तस्वीर ले रहे थे। तेजप्रताप ने किन्हीं को निराश नहीं किया। उन्होंने कई युवाओं के कंधे पर हाथ रखकर भी खुद की फोटो खिंचावाई। इस दौरान जहान्वी गंगा महाआरती सभा के अध्यक्ष संजीव झा ने सीढ़ी घाट पर उनका स्वागत किया।

मीडियाकर्मियों को कहा-मेरे साथ गंगा स्नान करें

सुल्तानगंज के स्थानीय मीडियाकर्मियों ने जब तेज प्रताप के कुछ प्रश्न पूछे तो उन्होंने कहा कि पहले आप लोग भी मेरे साथ गंगा स्नान करें। उन्होंने अपने अंदाज में मीडियाकर्मियों को गंगा स्नान का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मैं तो एक दिन आया हूं, आप लोग यहीं रहते हैं, क्यों मेरे पीछे पड़े हैं। इस दौरान मीडियाकर्मियों को उन्होंने कहा कि बिहार में शीघ्र बड़ा परिवर्तन होगा।

मां से वीडियो कॉल कर लिया आशीर्वाद
तेजप्रताप ने सुल्तानगंज से अपनी मां पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को मोबाइल से वीडियो कॉल किया। उन्होंने सुल्तानगंज के पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा का दर्शन अपनी मां को कराया। इस दौरान अपनी मां के साथ तेजप्रताप के छोटे भाई पूर्व उपमुख्यमंत्री वर्तमान राजद विधायक तेजस्वी यादव सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। तेजप्रताप ने अजगबीनाथ मंदिर का भी दर्शन अपनी मां और भाई को वीडियो कॉल के माध्यम से कराया। इसके बाद तेजप्रताप ने अपनी मां से आशीर्वाद लेकर देवघर की यात्रा प्रारंभ की।

अजगबीनाथ मंदिर में की पूजा

तेज प्रताप यादव ने सुल्तानगंज स्थित अजगबीनाथ मंदिर में भोले बाबा की पूजा की। जहां मंजिद के पूजारियों ने विधि पूवर्क उनसे भगवान शिव का पूजन कराया। इसके बाद तेजप्रताप ने स्थानीय पंडितों से गंगाजल का संकल्प किया। देर शाम तेज प्रताप कई कार्यकर्ताओं के साथ निजी वाहन से सड़क मार्ग होते हुए देवघर की ओर रवाना हो गए। उनके साथ निजी सुरक्षाकर्मी थे। इस दौरान वे बोम-बम, ओम नम: शिवाय, हर-हर महादेव का जयघोष कर रहे थे। उन्होंने कुछ दूर तक कांवर लेकर पैदल यात्रा की। इसके बाद वाहन पर चढ़े। तेजप्रताप सावन की दूसरी सोमवार 29 जुलाई 2019 को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ का पूजन करेंगे। वे वहां शिव का जलाभिषेक करेंगे।

प्रशासन को नहीं थी सूचना
तेजप्रताप के आने की सूचना पहले से प्रशासन को नहीं दी गई थी। इस कारण उनके लिए कोई विशेष सुरक्षा के इंतजाम प्रशासन ने नहीं किए थे। वे अचानक आए।

हमेशा रहते हैं चर्चा में

इससे पहले लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अलग-अलग रूप धरते हैं जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। उनका रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो जाता है। अभी सावन का महीना चल रहा है। सावन की पहली सोमवारी पर तेज प्रताप भगवान शिव की भक्ति में ऐसे लीन हुए कि भोले शंकर का रूप धर लिया था।

बता दें कि पिछली बार भी सावन महीने में जब हर कोई भगवान शंकर की भक्ति में डूबा था तो तेज प्रताप ने भोले नाथ का रूप धरा था। वैसे भी तेज प्रताप यादव अपने निराले अंदाज के लिए जाने जाते हैं। कभी वे कृष्ण का रूप धर लेते हैं तो कभी भगवान शंकर के रूप में देखे जाते हैं। कभी सड़क निर्माण कार्य करने लगते हैं तो कभी जलेबी बनाते हैं। कभी गायें चराने लगते हैं तो कभी घुड़सवारी भी करते हैं।

इस बार 22 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी थी और लोग बाबा भगवान शंकर की भक्ति में रमे हुए थे। ऐसे में तेज प्रताप ने भी अपने आवास में स्थित मंदिर में भगावन भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पूरे शरीर पर सफेद धोती लपेटी हुई थी। साथ ही, पूरे शरीर में भस्म लगाया था। मृगछाला धारण किए हुए थे।

पिछले साल गए थे बाबाधाम और धरा था शिव का रूप

तेज प्रताप यादव ने पिछले साल सावन के महीने में देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम गए थे और वहां उन्होंने शिव के दर्शन किए थे। जाने से पहले उन्होंने पटना के शिवालय में पूजा-अर्चना की थी और उसी समय से उन्होंने भगवान शंकर की तरह का वेश बना रखा था और साथ में डमरू भी बजाया था। उनकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुए थे।

जब धरा था कन्हैया का रूप

तेज प्रताप एक बार ‘कृष्ण’ रूप में नजर आए थे, जिसमें गौशाला में जाकर गायों के बीच बांसुरी बजा रहे थे। उनके इस रूप को देखकर लोगों ने उन्हें लालू का कन्हैया कहना शुरू कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप जब-जब मथुरा जाते हैं तो उनकी कृष्ण भक्ति की तस्वीरें खूब चर्चा बटोरती हैं।

कभी धरते हैं भगवान का रूप तो कभी करते घुड़सवारी

लालू प्रसाद के बड़े बटे तेज प्रताप यादव हर कला में माहिर हैं। वे घुड़सवारी भी करते हैं तो क्रिकेट खेलते हैं। शंख बजाते हैं तो बांसुरी भी बहुत अच्छी तरह बजा लेते हैं। उनका मन ज्यादातर अध्यात्म में रमता है, लेकिन राजनीति की भी समझ रखते हैं।

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By न्यूज़ डेस्क

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