दारोगा बहाली की मुख्य परीक्षा का परिणाम पटना हाइकोर्ट ने अवैध करार दिया है। साथ ही नए सिरे से परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है। इससे पहले 5 सितम्बर 2018 को हाईकोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया के अंतिम रिज़ल्ट पर रोक लगा दी थी।

Whatsapp group Join

बुधवार को न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय की एकलपीठ ने रमेश कुमार व अन्य की रिट याचिका को मंज़ूर करते हुए नए सिरे से परिणाम घोषित करने आदेश दिया। हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस अवर सेवा भर्ती आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा का परिणाम निकालने की प्रक्रिया को अपारदर्शी एवं कानूनन अवैध करार दिया। नए सिरे से सम्बन्धित नियमों का पालन करते हुए रिजल्ट निकालने का आदेश दिया। रिट याचिकाकर्ताओं के वकील एडवोकेट चक्रपाणि ने बताया कि हाईकोर्ट ने भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि प्रश्नपत्र का मॉडल उत्तर पत्र आयोग अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों से आपत्ति निमंत्रित करें । इसके अलावा आपत्ति आने पर एक्सपर्ट कमिटी गठित कर मॉडल उत्तर पर आधारित आपत्तियों का निराकरण करें ।

आपत्तियों के निराकरण के बाद मेधावार, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से मुख्य परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित करें । हाइकोर्ट ने कहा कि हर आरक्षित केटेगरी का अलग-अलग कट ऑफ अंक निर्धारित कर आयोग वेबसाइट पर प्रकाशित करे । साथ ही महिला उम्मीदवारों को सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से तय मानदंड के अनुसार क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाए । अगर कोई अभ्यर्थी अपने उत्तर पत्र (ओएमआर शीट) की कार्बन कॉपी सूचना के अधिकार के तहत मांग करे तो आयोग आनाकानी नहीं करे। पूरी बहाली प्रक्रिया को मुख्य परीक्षा के स्तर से पारदर्शी बनाने का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है ।

गौरतलब है कि कुल 1717 रिक्तियों के लिए पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 22 जुलाई 2018 को मुख्य परीक्षा ली गयी थी। जिसमें 29359 अभ्यार्थी शामिल हुए। मुख्य परीक्षा में 10161 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे। करीब 195 अभ्यर्थियों ने रिट याचिका दायर कर आयोग द्वारा मनमानी और बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी की शिकायत करते हुए मुख्य परीक्षा परिणाम को निरस्त करने की गुहार लगाई थी।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *