खरीक प्रखंड के अन्तर्गत ग्राम रामगढ़ में स्थित “माँ वाम काली” का इतिहास 500 वर्षों से भी अधिक का है। यहां के काली मैया की शक्ति की अस्तित्व किसी से छुपी हुई नहीं है। कहते हैं, अगर आप सच्चे दिल से माँ से कुछ माँगों तो मैया आपकी मुरादे पूरा करने में देर नहीं करती।अपने महिमा के लिए मैया बिहार के अन्य जिलों में भी विख्यात है।मैया के दरबार में पटना से लेकर बेगूसराय, मुंगेर, खगड़िया, सहरसा, पुर्णिया, कटिहार और बांका तक के श्रद्धालु हाजरी लगाते हैं। यहां के ग्रामीणों के लिए काली पूजा किसी खुशियों के सौगात से कम नहीं है। सभी ग्रामीण मैया को अपने गृह देवी की मान्यता देते हैं और मैया के सामने सिर झुकाना ग्रामीणों के दिनचर्या में शामिल है।

खप्पर चढ़ाने के लिए लगता है भक्तों का जन सैलाब

हर वर्ष यहां लगभग 10 हजार से भी अधिक खप्पर चढ़ाया जाता है। यहां के पुजारी सुभाष ठाकुर कहते हैं कि जिन लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती है वो प्रसाद के रूप में मैया को खप्पर चढ़ाते हैं। मेला की देख रेख की जिम्मेदारी यहां के बड़ी काली मंदिर मेला समिति द्वारा किया जाता है। मेला समिति के मीडिया प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि इस वर्ष दिवाली के दिन खप्पर चढ़ाया जाएगा।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *