बिहपुर। बिहपुर प्रखंड के नन्हकार गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण मौजूद है, लेकिन प्रशासन द्वारा कुछ खास व्यक्तियों और समुदायों को ही चिन्हित कर नोटिस जारी किया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जिन परिवारों को नोटिस दिया गया है, उनमें कई ऐसे गरीब परिवार शामिल हैं जिनकी एकमात्र झोपड़ी ही उनका आशियाना है। ग्रामीणों ने दावा किया कि ये झोपड़ियां सड़क से काफी दूर स्थित हैं और वहां डबल लेन सड़क का निर्माण भी संभव है। एक पीड़ित परिवार में दिव्यांग पुत्र होने के कारण उनकी समस्याएं और भी गंभीर हो गई हैं।

पूरे क्षेत्र में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो पूरे क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाए, न कि चुनिंदा स्थानों या व्यक्तियों को निशाना बनाया जाए।
इस संबंध में रूबी कुमारी, प्रतिमा देवी, दिनेश सिंह, पंकज कुमार, गौतम सिंह, सोनू कुमार, वैभव राज, परमीत सिंह, पवन कुमार, जयजयराम सिंह, दुलारी देवी और आशीष कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष और समान कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी समाज या व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और आम जनता को वास्तविक सुविधा मिल सके।
अंचलाधिकारी ने आरोपों को किया खारिज
मामले पर अंचलाधिकारी ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि अतिक्रमण हटाने का आदेश उच्च अधिकारियों के निर्देश पर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुल 31 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि कुछ तकनीकी कारणों से कार्रवाई फिलहाल लंबित है।
अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण मुक्त अभियान पूरे क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा और किसी के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। शेष लोगों को भी जल्द ही नोटिस भेजे जाएंगे।

