नवगछिया : बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (गोपगुट) और बिहार राज्य आशा-आशा फेसिलिटेटर संघ के द्वारा आशा कार्यकर्ताओं का 12 जुलाई से ही अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। नवगछिया पीएचसी में प्रखंड के सभी सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने लगातार 30वें दिन भी जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इस दौरान नवगछिया पीएचसी में कार्यरत कर्मियों से आशा कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी हो गई।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उन लोगों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। 30 दिनों के हड़ताल के बावजूद सरकार की ओर से कोई पहल नहीं किए जाने पर हड़ताली आशाकर्मियों ने थाली बजाने के बाद मांगों के समर्थन में हथेली पर मेंहदी रचाकर भी विरोध जता चुकी हैं।
इस मौके पर आशा कार्यकर्ताओं कहा कि हमारी मांग है कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को राज्यकर्मी का दर्जा मिले। इसके साथ ही सभी आशा और आशा फैसिलिटेटरों को 10 हजार मासिक वेतन, कोरोना महामारी में मृत आशा कार्यकर्ताओं के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा, सभी आशा फैसिलिटेटरों को पेंशन योजना बहाल की जाए एवं सभी को 10 हजार रुपये कोरोना भत्ता दिया जाए। सभी आशा कर्मियों को ड्रेस उपलब्ध कराया जाय।

फेसिलिटेटर कर्मियों को मासिक वेतन भुगतान प्रोत्साहन राशि की मांग पर सरकार को पहल करनी चाहिए। इस मौके पर आशा कार्यकर्ता मीना कुमारी, बबली कुमारी, किरण कुमारी, बबीता कुमारी, प्रियंका कुमारी रेनू कुमारी, चांदनी कुमारी, झूमलता कुमारी, कृष्णा भारती, शांति देवी विमला देवी, खुशबू कुमारी, सुनीता कुमारी, रानी कुमारी, मुन्नी कुमारी, किरण कुमारी, अर्चना कुमारी, नेहा कुमारी सहित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल थीं

