नवगछिया : श्रीरामचरितमानस नवाह पारायण यज्ञ जो घाट ठाकुरबाड़ी में चल रहा है उसमें बनारस से आई मानस कोकिला श्रीमती हीरामणि देवी ने प्रवचन में कहा कि माता पिता की सेवा भाग्यशाली व्यक्ति को ही मिलती है माता-पिता की सेवा करना सबके भाग में नहीं होता भाई का रिश्ता खून का रिश्ता होता है बाहरी रिश्ते पानी की तरह होते हैं संकट पड़ने पर भाई ही काम आएगा बाहरी रिश्ते सब दूर हो जाएंगे जो लोग अपने से बड़ों को प्रतिदिन प्रणाम करते हैं उस घर में कभी झगड़ा नहीं होता कितने भी दिन का झगड़ा क्यों ना हो सिर्फ प्रणाम करने से झगड़ा खत्म हो जाता है
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इसलिए अपने से बड़ों को प्रणाम करना चाहिए सास बहू पर वर्णन कर बताया कि सास बहू को घर में कैसे रहना चाहिए स्त्री का सबसे बड़ा धर्म पति के आदेश का पालन करना स्त्री का पति ही सब कुछ होता है आज आप बहू हैं तो कल आप सास भी बनेगी इसलिए सास ससुर की सेवा करें जो बेटा पत्नी के लिए माता-पिता का तिरस्कार करता है उसे एक दिन पत्नी का भी सुनना पड़ता है जो माँ का नहीं हुआ वह पत्नी का क्या होगा जो बेटी बाप की नहीं वह क्या पति की हो सकती है जो बेटा बाप का नहीं क्या हुआ पत्नी का हो सकता है
उन्होंने आजकल के नौजवान और बेटियों को आगाह किया कि हम लोगों को अपनी जिंदगी का फैसला सोच समझ कर करना चाहिए जल्दबाजी में अपने माता पिता का तिरस्कार कर कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए चाहे पत्नी कितनी भी प्यारी हो उसे राज बताना ना चाहिए चाहे भैया कितना बेरी हो उसे राज छुपाना नहीं चाहिए जिस भजन में राम का नाम ना हो उस भजन को ना गाना चाहिए आते जाते गुनगुनाया करो राम राम बोला करो राम गाया करो सीताराम सीताराम आदि भजनों पर खूब झूमे श्रोतागण मीडिया प्रभारी अशोक केडिया ने बताया कि प्रवचन का कार्यक्रम 29 मार्च तक इसी तरह रात्रि 7:00 से 10:00 तक चलता रहेगा प्रवचन का लाभ उठाने के लिए श्रोताओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है पूरा नवगछिया शहर भक्तिमय मे डूबा हुआ है

इस आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष दिनेश सर्राफ, उपाध्यक्ष बनवारी पंसारी, सचिव शिव जयसवाल, कोषाध्यक्ष श्रवण केडिया, मुख्य यजमान विनीत खेमका, मीडिया प्रभारी अशोक केडिया, विशाल चिरानिया, विनीत चिरानिया, अनिल चिरानिया, संतोष भगत, अनिल भगत, कैलाश अग्रवाल, किशन चिरानिया, किशन यादुका, अवधेश गुप्ता, रोहित मावंडिया, रवि चिरानिया, दयाराम चौधरी, संतोष यादुका, शंकर चिरानिया, अरूण यादुका, श्रीधर शर्मा आयुष खेमका पीयूष खेमका आदि लगे हुए हैं
