खेसरिया बहियार से मिट्टी लेकर आ रहा हाइवा पलट कर कोसी नदी में चला गया, जो नदी के किनारे पर जा टिका। इस घटना में मड़वा निवासी 40 वर्षीय किसान नंदन चौधरी की मौत हो गई। घटना रविवार की शाम करीब 5 बजे की बताई गई है। बताया जाता है कि चालक के नहीं आने पर नंदन खुद हाइवा लेकर मिट्टी लेने बहियार चला गया था। वह मिटट्ी लेकर बहियार के कच्चे रास्ते आ रहा था, गड्ढेनुमा कच्चा रास्ता होने से गाड़ी अनबैलेंस होकर पलट गई। इसके बाद लुढ़कते-लुढ़कते कोसी नदी में चली गई।
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इस बीच वह ड्राइवर की सीट पर फंस गया था, जिससे वह बाहर भी नहीं निकल पाया। इस घटना में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गाड़ी पलटने की आवाज सुनकर वहां आसपास काम रहे मजदूर मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे गाड़ी का शीशा तोड़कर बाहर निकाला। पर उसकी मौत हो चुकी थी। तब तक घटना की सूचना पर मौके पर ग्रामीण भी पहुंच गए। जहां से उसे लेकर पीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची झंडापुर ओपी की पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया। अंधेरा होने के कारण हाइवा नदी से नहीं निकाला जा सका था।

मां और पत्नी के चीत्कार से माहौल हो गया गमगीन
घटना की सूचना पाकर नंदन की पत्नी रंजना देवी व अवकाश प्रप्त शिक्षिका वृद्ध मां निर्मला देवी सहित परिजन मौके पर पहुंचे और शव से लिपट कर रोने-चील्लाने लगे। मां और पत्नी के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। एक तरफ मां तो दूसरी तरफ पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जा रहीं थी। मां रोते हुए सिर्फ यही बोलती रही कि यदी बेटा गाड़ी चलाने नहीं जाता तो उसकी जान नहीं जाती। वहां मौजूद महिलाएं पानी का छिटा मारकर उसे होश में लाती थी, पर जैसे ही होश आता था, पुर वह अपने बेटे के शव से लिपटकर रोने लगती थी। यह दृश्य देखकर लोगों की आंखें भी नम हो गईं। नंदन को एक पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। सभी रो-रोकर बेहाल हैं। इस घटना से गांव में भी मातमी सन्नाटा पसर गया।

