नवगछिया । गंगा-कोसी में नाव हादसे में अब तक कई लोगों की जानें गयी हैं, जिसमें अधिकांश महिलाएं और लड़कियां हादसे की शिकार हुई हैं। वर्ष 2017 में पुनामा प्रतापनगर में कोसी नदी में नाव डूबने से चार लोगों की मौत हो गयी थी। सभी कोसी पार से मवेशी का चारा लेकर लौट रहे थे। छोटी नाव पर क्षमता से अधिक सवर होने से नाव डूब गई थी। वही रंगरा प्रखंड के तिनटंगा ज्ञानीदास टोला में वर्ष वर्ष 2012 में मरगंग में डेंगी पलटने से दो बच्चों की मौत हो गयी थी।

वर्ष 2013 में इस्माईलपुर में एक शादी में भाग लेने आ रहे तीन लोगों की मौत नाव डूबने से हो गयी थी। मरनेवालों में सभी दुल्हन के रिश्तेदार बताए जा रहे थे। दुर्घटना के बाद शादी भी नहीं हो पाई थी। खरीक प्रखंड के राघोपुर में वर्ष 2006 में गंगा में रात्रि में नाव के पलटने से नाव में सवार तीन लोगों की मौत हो गयी थी। ये सभी गांगा पर से खेतों में काम कर संध्या समय वापस घर आ रहे थे। नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने से नाव गंगा डूब गई थी।

ओवरलोडिंग के कारण नाव हादसे की दर्जनों घटनाओं के बाद भी नाव पर ओवरलोडिंग चल रहा है। इस संबंध में नवगछिया एसडीओ उत्तम कुमार बताते हैं कि नाव पर ओवरलोडिंग को लेकर नाविकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं किसी भी हालत में क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव ओर नहीं चढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

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By न्यूज़ डेस्क

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