नवगछिया (भागलपुर)। नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत बिहपुर प्रखंड के मिल्की गांव में हज़रत सैयदना दाता मंगन शाह का वार्षिक उर्स मेला पूरे श्रद्धा और सौहार्द के साथ प्रारंभ हो गया है। लगभग ढाई सौ वर्षों से चली आ रही यह परंपरा सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल पेश कर रही है।
इस वर्ष उर्स मेले की शुरुआत 5 फरवरी की रात ठीक 12 बजकर 5 मिनट पर हुई। स्थानीय आयोजन समिति के अनुसार, परंपरा के अनुरूप इस बार भी मेले की पहली चादरपोशी एक हिंदू कायस्थ परिवार द्वारा की गई, जो बीते दो सौ वर्षों से अधिक समय से लगातार निभाई जा रही है। यह परंपरा क्षेत्र में धार्मिक सद्भाव और विश्वास का मजबूत प्रतीक बन चुकी है।
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उर्स मेला 12 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें भागलपुर जिले के अलावा आसपास के कई जिलों और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरगाह पर पहुंच रहे हैं। यह उर्स हज़रत मंगन शाह की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित होता है, जहां श्रद्धालु दुआ, मन्नत और चादरपोशी कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
मान्यता है कि दरगाह पर आने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इसी विश्वास के साथ हर वर्ष हजारों लोग यहां हाजिरी लगाते हैं।

उर्स के दौरान हिंदू, मुस्लिम समेत सभी समुदायों के लोग समान श्रद्धा भाव से शामिल होते हैं। धार्मिक आयोजन के साथ यह मेला एक लोक सांस्कृतिक उत्सव का रूप भी ले लेता है। मेले में हस्तशिल्प, खानपान, खिलौनों और घरेलू जरूरतों की अनेक दुकानें सजती हैं, जिससे स्थानीय व्यापार को भी अच्छा लाभ मिलता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दाता मंगन शाह का उर्स मेला आज के समय में भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का मजबूत संदेश देता है। यह आयोजन क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।
