नवगछिया। घाट ठाकुरवाड़ी में आयोजित 51वां श्री रामचरितमानस नवाह पारायण एवं श्री राम कथा के सातवें दिन राम जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूरा पंडाल आकर्षक एवं भव्य सजावट से सुसज्जित किया गया था। रंग-बिरंगे गुब्बारों और सुंदर सजावटी व्यवस्था के बीच भगवान राम के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
राम जन्मोत्सव के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे परिसर में भक्ति का अद्भुत वातावरण बना रहा और जय श्रीराम के जयकारों से माहौल गूंजता रहा। आयोजन के दौरान भक्तों के बीच ट्रॉफी और मिठाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा।
राम कथा जीवन को सही दिशा देने का माध्यम : स्वामी विनोदानंद सरस्वती
इस अवसर पर प्रयागराज से पधारे स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने भगवान राम के बाल स्वरूप की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य आत्मा को परमात्मा से मिलाने का होता है। राम कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है।

स्वामी जी ने विशेष रूप से माताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान राम कथा और श्रीमद्भागवत का श्रवण करने से संतान के संस्कार उत्तम होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा सुनता और सोचता है, वैसा ही प्रभाव उसके जीवन और उसकी संतान पर पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह संसार माया के बंधन में बंधा हुआ है और भगवान राम का नाम ही मुक्ति का मार्ग है। मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य भगवान का स्मरण, सत्कर्म और सदाचरण होना चाहिए।
प्रतिदिन सुबह 8 बजे से हो रहा संगीतमय पाठ
कार्यक्रम में विश्वहिंदू परिषद् के प्रवीण भगत ने बताया कि नवाह पारायण का पाठ प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक 25 विद्वानों द्वारा संगीतमय ढंग से किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन 27 मार्च 2026 तक जारी रहेगा।
इस भव्य राम जन्मोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान राम की भक्ति में लीन नजर आए।

