खरीक : कोसी नदी के जल स्तर में कमी होने के साथ ही चोरहर में भीषण कटाव थम नहीं रहा है.रविवार को भी रुक-रुक कर कटाव जारी रहा.तकरीबन 500 मीटर के दायरे में सात जगहों पर भीषण कटाव जारी है. कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि कटाव के मुहाने पर बसे लोगों के घर धड़कने लगे ऐसे लोगों के घर कभी भी ध्वस्त होकर खुशी में समा सकते हैं. कोसी कटाव के मुहाने पर बस से ऐसे लोगों के घर जो कटाव के खतरे के दायरे में आ गए हैं.उन गृहस्वामियों को प्रशासनिक पदाधिकारियों ने अपने अपने घरों को खाली करने का आदेश दिया है.
चोरहर में कटाव के मुहाने पर रह रहे लोगों को प्रशासन ने घर खाली करने का दिया आदेश
कच्छप गति से हो रहा बचाव कार्य
प्रशासनिक पदाधिकारियों और अभियंताओं की टीम ने शहर में हो रहे कटाव का लिया जायजा
रविवार को खरीक अंचलाधिकारी विनय शंकर पंडा और प्रखंड विकास पदाधिकारी सुधीर कुमार अहले सुबह मौके पर पहुंचकर हो रहे भीषण कटाव का मुआयना किया. कटाव की भयावहता और तेज रफ्तार को देख कर प्रशासनिक पदाधिकारियों ने कटाव के मुहाने पर खतरे की जद में रह रहे लोगों को अपने अपने घरों को खाली कर देने का आदेश दिया है कुछ घर के लोगों ने घर हटाने में असमर्थता जताई प्रशासनिक पदाधिकारियों ने ऐसी गृह स्वामियों को स्पष्ट आदेश दिया यदि आप से अच्छा से घर खाली कर देते हैं तो ठीक है नहीं तो हर हालात में घर खाली कराना पड़ेगा ऐसे घर कभी भी कोसी में समा सकता है और लोगों की जान भी जा सकती है प्रशासनिक पदाधिकारियों ने लोगों को पहले अपनी जान माल की सुरक्षा करें.

रविवार को खरीक अंचलाधिकारी ने हल्का कर्मचारी को स्थल पर भेज कर 14 कटाव पीड़ितों की सूची बनवाई है.अंचलाधिकारी ने बताया कि जिन कटाव पीड़ितों का घर कटाव से ध्वस्त हो कर कोसी में समा गया जिन कटाव पीड़ितों के घर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. ऐसी कटाव पीड़ितों को घर बनाने के लिए कनीय अभियंता के रिपोर्ट पर उसके खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी. अंचलाधिकारी ने कहा कि बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है कटाव पीड़ितों को हर संभव मदद की जाएगी. खरीक अंचलाधिकारी ने रविवार को कटाव पीड़ितों की सूची बनवाने के लिए हल्का कर्मचारी को कटावा स्थल पर भेजा हल्का कर्मचारी ने 14 कटाव पीड़ितों की सूची तैयार की है.
बचाव कार्य की गति सुस्त बचाव कार्य की गति काफी धीमी है.ग्रामीण राजेश पंडित,दशरथ पंडित.चंदन आदि चोरहर के ग्रामीणों का कहना है कि रविवार को महज 8 से 10 मजदूरों से काम शुरू कराया गया.ऐसी स्थिति में कैसे ग्रामीणों की घर बचेगी बचाव कार्य करने का रफ्तार भी काफी धीमा है.इस तरह धीमी रफ्तार से बचाव कार्य होगा तो कभी कटाव के मुहाने पर रह रहे अन्य लोगों का घर भी ध्वस्त हो कर कोसी में समा सकता है.

गढ़ा के समीप खतरा
गढ़ा के समीप भीषण खतरा है. कटाव की रफ्तार काफी तेज है. कई टन मिट्टी एक साथ ध्वस्त हो कर कोसी में समा रहा है.लोगों को समझ में नहीं आ रहा है.क्या करें.एक तरफ कोसी दूसरी तरफ गढ़ा में पानी भरा है.कोसी की ओर से तेज कटाव होने से गढ़ा के पानी का रिसाव कोसी की तरफ होने लगा है.कोसी और गढ़ा के बीच महज 10 फीट की जमीन बची है.जो कभी भी ध्वस्त हो सकता है.गढ़ा के समीप ध्वस्त होने पर कटाव का दायरा बढ़ जाएगा और कई घर कटाव के आगोश में आ जाएंगे.
क्या कहते है कार्यपालक अभियंता
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने कहा कि चोरहर में बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है.जल्द ही कटाव नियंत्रित कर लिया जाएगा


