नवगछिया : ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया छात्रों के लिए गले की हड्डी बन गया है. लिहाजा कई छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है. नवगछिया में ऑनलाइन आवेदन से जुड़ा एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. गणित की छात्रा का नामांकन जंतु विज्ञान में बिना महा विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र दिए ही किसी पटेल नाम के कॉलेज में हो गया है. पहली बात तो यह कि यह पटेल कॉलेज कहां है इसकी कोई जानकारी ऑनलाइन नहीं है. दूसरी तरफ आश्चर्य इस बात का भी है की गणित से आईएससी करने वाली छात्रा का जूलॉजी में एडमिशन कैसे हो गया. एक तरफ अभिभावक पटेल कॉलेज का पता खोज रहे हैं तो दूसरी तरफ छात्रा मायूस है कि उसका एक वर्ष बर्बाद हो जाएगा.
– मैथमेटिक्स की छात्रा का ऐडमिशन जूलॉजी में
– किस कॉलेज में एडमिशन हुआ इसका कोई ब्योरा नहीं नहीं ऑनलाइन मैं सिर्फ इतना बताया जा रहा है कि पटेल कॉलेज में छात्रा का जूलॉजी ऑनर्स में एडमिशन हो चुका है
छात्रा तेतरी निवासी अधिवक्ता राकेश कुमार चौधरी की पुत्री आकांक्षा कुमारी है. आकांक्षा ने बताया कि उसने गणित विषय में इंटर किया. सर्वप्रथम उसने अंग्रेजी ऑनर्स के लिए अप्लाई किया तो उसका नामांकन नहीं हुआ, इसके बाद उसने हिंदी विषय के लिए अप्लाई किया तो भी उसका नामांकन नहीं हुआ. इसके बाद विभागीय स्तर पर अधिसूचना जारी किया गया कि जिन कॉलेजों में सीट खाली है वहां पर नियमतः स्पॉट एडमिशन लिया जा सकता है. आकांक्षा का कहना है कि उसने मदन अहल्या महिला महाविद्यालय से इंटर की पढ़ाई की थी इसलिए जब वह वहां गई तो वहां उसे फिजिक्स ऑनर्स में एडमिशन करा लेने पर सहमति दी गई.


उसने स्पॉट एडमिशन ले भी लिया. इसके बाद जब महाविद्यालय से नामांकन को ऑनलाइन किया जाने लगा तो छात्रा का आवेदन स्वीकृत यह कह कर नहीं हो रहा है की छात्रा का पूर्व में ही किसी पटेल नाम के कॉलेज में एडमिशन हो गया है. ऐसी स्थिति है कि छात्रा ना तो नवगछिया में कहीं एडमिशन ले सकती है और पटेल कॉलेज का पता भी नहीं मिल रहा है. छात्रा और छात्रा के अभिभावक दोनों काफी परेशान हैं. एक वर्ष बर्बाद हो जाने का भय है. छात्रा के पिता अधिवक्ता राकेश कुमार चौधरी ने कहा कि वह मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे और अगर कोई निदान नहीं निकला तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे.


