गुरुवार को यह नाव इस्माइलपुर से राधोपुर के लिए खुली। इस पर क्षमता से अधिक करीब 50 लोग सवार हो गए। गंगा की तेज लहरों में विक्रमशिला सेतु के नजदीक इसकी चरखी में झाड़ी फंस गई। नाविक ने नाव पर नियंत्रण खो दिया।
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नाव गंगा की तेज धार में बेकाबू होकर बहने लगी। इस पर सवार सभी लोगों के दिल की धड़कन बढ़ गई। लेकिन तैसे ही नाव कम गहराई के क्षेत्र में पहुंची, मांझी ने बांस की मदद से नाव को रोका। फिर गोता लगाकर चरखी से फंसी झाड़ी को निकाला।


इसके बाद सभी लोग सकुशल राधोपुर घाट तक पहुंचे। नाव करीब 25 मिनट तक गंगा की धार में नियंत्रण खोकर भटकती रही। जान जोखिम में डाल कर नाव पर सफर रहे लोग इस्माइलपुर दियारा से आए दिन लोग इसी तरह नाव पर सफर करते हैं। इलाके में सरकारी नाव की कमी रहने पर लोग | मजबूरी में निजी नाव पर रोजमर्रा के काम से नवगछिया व अन्य इलाके जाते हैं। प्रशासन ने नाव के ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगाई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

