नवगछिया : महाराष्ट्र के पुणे में बोरवेल में काम करने के दौरान इस्माईलपुर थाना क्षेत्र के जय मंगलदास टोला के तीन युवकों की मौत होने के बाद शनिवार को तीनों का शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही चीख पुकार होने लगा। गांव में माएं रोती-बिलखती दौड़ती एम्बुलेंस की ओर भागती नजर आयीं। लोग एक-दूसरे को पकड़ कर रोते हुए दिखे।
इस घटना में तीन परिवार का दीपक बुझने से ग्रामीणों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था। गुलशन, राजन एवं शालिग्राम तीनों घर का कमाने वाला पुत्र था, लेकिन तीनों की मौत से पूरा घर अनाथ हो गया। तीनों शव का महादेवपुर घाट पर अंतिम संस्कार एक साथ कराया गया। गुलशन के भाई विद्यापति ने मुखाग्नि दी। वहीं राजन के भतीजा गोलू कुमार ने मुखाग्नि दी। इकलौता भाई शालिग्राम की छोटी बहन नीलम कुमारी ने मुखाग्नि दी। मौके पर मौजूद लोग अपनी आंख का आंसू नहीं रोक पाए।
भाई की अर्थी को बहन ने दिया कंधा, दी मुखग्नि

भाई बहन की डोली को कंधा देकर उठाता है, लेकिन जयमंगल टोला में बहन अपने भाई शालिग्राम का चचरी उठाकर श्मशान घाट ले गयी और मुखाग्नि दी। इस माहौल को देखकर लोग गमगीन हो रहे थे। मालूम हो कि गुरुवार की सुबह-सुबह पुणे में काम करने के दौरान गुलशन, राजन एवं शालिग्राम की मौत करंट लगने से हो गयी थी।

