कोसी दियारा के महलैया और खगड़िया बहियार के किसानों की जमीन पर कब्जे को लेकर दो आपराधिक गिरोहों के बीच 80 राउंड गोलियां चलीं। घटना मंगलवार को दिन के सुबह 9:00 बजे खरीक स्टेशन से कुछ दूरी पर नया टोला भवनपुरा की है। जहां दियारा के दो कुख्यात सिंटू यादव और पिंटू यादव गिरोह भिड़ गए। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव दहल उठा। लोग अपने घरों में छिप गए। अपराधी करीब एक घंटे तक गोलीबारी करते रहे। हालांकि इस गोलीबारी में किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।
गोलीबारी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल से 11 खोखे बरामद किया है। कुख्यात पिंटू यादव की ओर से दयानंद यादव ने गांव के ही सिंटू यादव सहित 12 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसने पिंटू यादव गिरोह पर गांव से भगाने, जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। वहीं देर शाम तक दूसरे पक्ष की ओर थाना में आवेदन नहीं दिया गया था। घटना के बाद गांव में तनाव है। ग्रामीण किसी बड़ी वारदात की आशंका से भयभीत हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर समय रहते पुलिस अपराधियों को दबोच में विफल रही तो बड़ी घटना हो सकती है। हालांकि इस संबंध में ग्रामीण खुलकर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहें हैं। खरीक थानाध्यक्ष एनएस चौहान ने बताया कि एक पक्ष के दयानंद यादव के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

कोसी दियारा की जमीन पर कब्जे को लेकर अक्सर गरजती हैं बंदूकें
कोसी दियारा में किसानों की उपजाऊ जमीन पर कब्जे को लेकर अक्सर इलाके में बंदूकें गरजती हैं। बाढ़ के बाद कई आपराधिक गिरोह जमीन पर कब्जा करने के लिए वारदात को अंजाम देते हैं। किसानों द्वारा फसल बुआई के बाद से ही अपराधियों की गिद्ध नजर इस पर रहती है। कलाय और मक्के की फसल लूटने के लिए भी बदमाशों के बीच जंग छिड़ जाती है। मगर अपराधियों का खात्मा करने की दावा करने वाली नवगछिया पुलिस अब तक इन घटनाओं पर लगाम लगाने में विफल रही है। खरीक के सिंटू और पिंटू यादव गिरोह का आतंक इस कदर है कि इलाके के किसान उनके खिलाफ मुंह नहीं खोलते हैं। अगर कोई किसान उनके खिलाफ शिकायत करने की हिमाकत करता है तो उसकी पिटाई करते हैं। और जान से मारने की धमकी देते हैं।
कुख्यात पिंटू और सिंटू हाल में जेल से बाहर आए हैं
घटना को अंजाम देने वाले दोनों गिरोहों के सरगना कुख्यात सिंटू और पिंटू यादव का आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ खरीक, बिहपुर, नवगछिया थानों में लूट, जमीन पर कब्जा करने, किसानों से रंगदारी मांगने के कई मामले दर्ज हैं। दोनों कोसी इलाके के आतंक का पर्याय हैं। दो अपराधी कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आए हैं। जेल से निकलते ही दोनों गिरोह किसानों की जमीन पर कब्जे को लेकर आमने-सामने हैं।


