नवगछिया : गोपालपुर पुलिस ने आईटी एक्ट और रंगदारी मांगने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार करते हुए गांवों में सीएसपी से पैसा निकलने के दौरान लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का उद्भेदन किया है।
नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि तीन मामलों में पुलिस ने गोपालपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी कृपाल मंडल उर्फ कन्हैया और सौर बाजार थाना सहरसा के जितेंद्र शाह को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ ने बताया कि 17दिसम्बर 2021 को आईटी एक्ट के वादी महावीर मंडल के खाते से अलग-अलग तिथि में कुल ₹81541 और 2 मई 2022 में आईटी एक्ट के ही मामले को लेकर रुकमणी देवी के खाते से 20000 धोखाधड़ी कर निकाल लिया गया था। वहीं गोपालपुर के डुमरिया निवासी श्यामानंद मंडल को मोबाइल से लगातार मैसेज और फोन कर रंगदारी की मांग की जा रही थी। इन तीनों मामलों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसडीपीओ ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 5 मोबाइल और 3 पासबुक बरामद किया गया है। पूछताछ के क्रम में उन लोगों ने बताया कि गलत नाम पता पर मोबाइल सिम कार्ड लेकर नेट बैंकिंग के माध्यम से गलत नाम पता पर विभिन्न बैंकों से आईडी और पासवर्ड लेकर गिरोह में शामिल सीएसपी संचालकों को फर्जी आईडी और पासवर्ड कुछ समय के लिए बेच देते थे। सीएचपी संचालक अनपढ़ ग्राहकों से फर्जी आईडी और पासवर्ड पर अंगूठा लगवा कर मांगे गए रुपए निकासी कर देते थे। ग्राहक के चले जाने के बाद फर्जी आईडी और पासवर्ड पर लगाए गए अंगूठे और लिए गए आधार नंबर से साइबर ठगी का रुपये निकासी कर लिया जाता था। ठगी के दूसरे तरीके के बारे में बताया कि जब किसी सीएसपी केंद्र पर रुपये निकालने जाते हैं तब आधार वेरीफिकेशन के नाम पर ग्राहक से 9 उंगलियों और अपनी एक उंगली देकर आधार कार्ड वेरिफिकेशन कर लेते थे। तत्काल ग्राहक को मांगे गए रुपए निकाल कर दे दिया जाता था। बाद में ग्राहक के आधार और अपना एक उंगली के आधार वेरिफिकेशन कर रुपये की ठगी कर ली जाती थी। एसडीपीओ ने बताया कि छापेमारी दल में इस्पेक्टर मारकंडेय सिंह, मुलायम प्रसाद यादव बसंत कुमार, योगेश कुमार शामिल थे।

वहीं नवगछिया एसडीपीओ ने कहा कि वैसे सीएसपी संचालकों को भी गिरफ्तार किया जाएगा जो इस फर्जीवाड़ा के खेल में शामिल हैं।
कैसे हुआ उद्भेदन
एसडीपीओ ने बताया कि उड़ीसा की एक कंपनी के जो नेट बैंकिंग का काम करती है। उनके यहां इन लोगों के द्वारा वीडियो फुटेज भेज कर फर्जी तरीके से आईडी लेने की तैयारी की गई थी। जिसको लेकर के हम लोगों ने उस वीडियो को ऊपर करके अनुसंधान शुरू किया जिसमें पता चला कि इनके द्वारा गलत लोगों के साथ मिलकर लोगों का आधार कार्ड या मोबाइल सिम निकाल कर उससे यह रुपये की निकासी की जाती है। इसमें मुख्य रूप से सीएसपी संचालक शामिल रहता है।

