भागलपुर। पाक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश एमपी सिंह की अदालत ने बुधवार को तीन मनचलों मनीष कुमार तांती, नीतीश कुमार और अमित कुमार तांती को उनकी करतूतों का सच साक्ष्य के रूप में देख एक-एक साल की न सिर्फ सजा सुनाई बल्कि पांच-पांच हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया। तीनों सजौर थाना क्षेत्र में 22 जुलाई 2018 को ट्यूशन पढऩे जा रही छात्राओं को हाय-बाय बोलते हुए उनका रास्ता रोकने का दुस्साहस कर बैठे थे।
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उन्होंने छात्राओं की चोटियां भी खींच ली थी। विशेष न्यायाधीश एमपी ङ्क्षसह ने केस की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक जयकरण गुप्ता की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कठघरे में उपस्थित आरोपितों से भी संवाद कर उन्हें घटना का दोषी करार देते हुए अपना निर्णय सुना दिया। विशेष पाक्सो न्यायालय का यह निर्णय उन मनचलों के लिए बड़ा सबक है जो स्कूल-कालेजों के इर्दिगर्द या व्यस्त बाजार इलाके, छात्रावास क्षेत्र में ऐसी हरकत कर बैठते हैं।
रतनगंज के मोहनपुर नहर के पास रोका था छात्राओं का रास्ता
22 जुलाई 2018 को सजौर थाना क्षेत्र के रतनगंज स्थित मोहनपुर नहर के पास ट््यूशन पढऩे जाने के दौरान तीनों मनचलों मनीष, नीतीश और अमित ने पहले हाथ से हाय-बाय का इशारा किया था। छात्राएं हाथ में किताब-कापी लिए आगे बढ़ती जा रही थी। इस बीच तीनों ने दौड़ लगा उनके रास्ते में आ गए। तीनों छात्राएं बगल से आगे बढऩे लगी तो मनचलों ने उन पीछे से उनकी चोटियां खींच ली थी।

सात फरवरी 2022 को भी दो मनचलों को मिली थी सजा
पाक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश एमपी सिंंह की अदालत ने सात फरवरी को फेसबुक पर छात्रा की अश्लील फोटो वायरल करने वाले दो अभियुक्तों निशांत कुमार सिंंह उर्फ ननकू और ललन कुमार सिंह उर्फ लल्लू को एक-एक साल की सजा और पांच-पांच साल के अर्थ दंड की सजा सुनाई थी। दोनों अभियुक्तों ने नवगछिया इलाके की एक छात्रा पर फब्जियां कसी थी। फेसबुक पर अश्लील फोटो वायरल भी कर दिया था। मामला वर्ष 2018 का था। घटना से छात्रा और उसके स्वजनों को काफी मानसिक परेशानी से जूझना पड़ा था।
