नवगछिया। बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को श्रम विभाग की टीम ने स्टेशन रोड स्थित डेयरी पर छापेमारी की। जांच के दौरान यहां एक 13 वर्षीय बाल श्रमिक को काम करते पाया गया। टीम ने बच्चे को तत्काल मुक्त कराया और उसकी देखरेख एवं सुरक्षा के लिए चाइल्ड वेलफेयर सेंटर, अलीगंज भेज दिया।
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यह संयुक्त अभियान जिलाधिकारी के निर्देश पर चलाया गया। कार्रवाई में नारायणपुर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रभाषीश कुमार, बिहपुर के मनोहर कुमार, खरीक के परितोष कुमार और नवगछिया की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनिता कुमारी शामिल थीं।
टीम ने डेयरी में बाल श्रम से संबंधित स्थिति की जांच की। जांच के दौरान नाबालिग से काम कराए जाने की पुष्टि होने के बाद डेयरी के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

दुकानों और प्रतिष्ठानों की हो रही जांच
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में बाल श्रम रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत दुकानों, मिठाई की दुकानों, होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य नाबालिग बच्चों को मजदूरी से मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अवसर उपलब्ध कराना है।
विभाग के मुताबिक, मुक्त कराए गए बाल श्रमिक के पुनर्वास के लिए नियमानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान के खिलाफ कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्चे की पहचान और सुरक्षा से संबंधित जानकारी को गोपनीय रखा गया है।
बाल श्रम की सूचना देने की अपील
नवगछिया की श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनिता कुमारी ने दुकानदारों और आम लोगों से अपील की है कि किसी भी नाबालिग बच्चे को दुकान, होटल, डेयरी या अन्य स्थान पर काम पर न रखें।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
