नवगछिया । भागलपुर जिले के विभिन्न गंगा किनारे यानी बटेश्वर घाट व तीनटंगा दियारा क्षेत्रों में हर साल माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। जहां घाटों पर भव्य तरीके से मेले का भी आयोजन होता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानियां व उनके साथ कोई अप्रिय घटना सड़कों पर न हो जाय। इसके लिए जिला प्रशासन एक निर्धारित समय के साथ सख्त होने का फरमान जारी कर मेले के दौरान भारी वाहन परिचालन पर रोक लगाती है। जहां स्थानीय पुलिस प्रशासन इस भीड़ को संभाल नहीं पाती है।
ऐसा ही दृश्य माघी मेले के पहलो दिन शनिवार को नवगछिया जीरोमाइल में शाम पांच बजे देखने को मिला। जहां नवगछिया के एनएच-31 व विक्रमशिला पुल के संपर्क पथ पर नवगछिया पुलिस प्रशासन द्वारा सड़कों को वनवे कर सभी मालवाहक भारी वाहनों को खड़ा कर दिया गया था। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आने-जाने का तांता दिन भर लगा था। शाम होते ही सभी भारी वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया। जिससे एन एच-31 व विक्रमशिला पुल के पहुंच पथ पर महाजाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। देखते ही देखते जीरोमाइल के चौमुखी सड़कों के हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय पुलिस जाम हटाने के प्रयास में जुटी थी लेकिन लोगों को कहीं हिलने तक का मौका नहीं मिल पा रहा था।
जाम में फंसे एसपी व कई एम्बुलेंस
माघी मेले के दौरान नवगछिया के एनएच-31 व विक्रमशिला पुल के पहुंच पथ पर शनिवार की शाम करीब पांच बजे महाजाम की स्थिति उत्पन्न होने के बाद भागलपुर से आ रहे नवगछिया एसपी पूरण कुमार झा भी जाम में फंस गए। बताया जा रहा है कि एसपी ने जब विक्रमशिला पुल पार किया तो संपर्क पथ पर जाम देख नवगछिया आने वाली 14 नंबर सड़क होकर निकलने का प्रयास किया।

जहां वाहनों का जाम देख एसपी ने पुनः तेतरी चौक आते-आते अपनी गाड़ी विक्रमशिला पुल के पहुंच पथ पर लाकर नवगछिया जिरोमाइल होकर निकलने का प्रयास किया। लेकिन हर तरफ जाम ही जाम का नाजारा था। एसपी करीब आधा घंटा तक इस जाम में फंसे रहे। वहीं पूर्णिया, कटिहार समेत अन्य जगहों की एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। काफी मशक्कत के बाद पुलिस करीब 5:45 बजे जाम को हटाने में सफल हुई।

