नवगछिया | इस्माइलपुर: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों के बीच सोमवार की सुबह नवगछिया में बड़ा हादसा हो गया। इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव में छठ घाट की तैयारी कर रहे चार मासूम बच्चों की गंगा नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों में दो जुड़वां भाई भी शामिल हैं, जिनकी पहचान गोरेलाल और कोरेलाल (उम्र लगभग 8 वर्ष), पिता रूदल मंडल, निवासी छट्टू सिंह टोला, के रूप में हुई है। वहीं अन्य दो मृतकों की पहचान प्रिंस कुमार (10 वर्ष) पिता मिथिलेश कुमार, तथा नंदन कुमार (10 वर्ष) पिता किशोरी मंडल, सभी नवटोलिया गांव निवासी के रूप में की गई है।
नहाने के दौरान एक-एक कर डूबे चारों बच्चे
गांव वालों ने बताया कि सभी बच्चे सुबह घाट बनाने और साफ-सफाई में जुटे थे। काम खत्म होने के बाद वे नहाने के लिए नदी में उतर गए। उसी दौरान एक बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।
गांव के लोगों के अनुसार —
“जब एक बच्चा डूबने लगा, तो बाकी तीन उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। लेकिन तेज धारा और गहराई के कारण वे भी डूब गए। थोड़ी ही देर में चारों बच्चे पानी में समा गए।”
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने शोर मचाकर पास के गोताखोरों को बुलाया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से सभी चार बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया और आनन-फानन में इस्माइलपुर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

गांव में मातम, हर आंख नम
घटना की सूचना मिलते ही पूरे नवटोलिया और छट्टू सिंह टोला में मातम छा गया। चारों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की गलियां सिसकियों से गूंज उठीं। जुड़वां बेटों की मौत से रूदल मंडल का परिवार बेसुध है। वहीं अन्य दो परिवारों में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
स्थानीय निवासी कैलाश मंडल ने बताया कि, “बच्चे छठ घाट की तैयारी में बहुत उत्साहित थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही पलों में यह खुशी मातम में बदल जाएगी। अब गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला है।”
पुलिस और प्रशासन मौके पर
सूचना मिलने के बाद इस्माइलपुर थानाध्यक्ष दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया और आपदा राहत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
छठ पर्व की खुशियां गम में बदलीं
जहां पूरे क्षेत्र में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर थीं, वहीं अब नवटोलिया गांव में चार मासूमों की असमय मौत ने पूरे माहौल को शोक में बदल दिया है। छठी मईया की अराधना के गीतों की जगह अब मातम की चीखें सुनाई दे रही हैं।

