मृतिका शिल्पी के घर के एकदम करीब ही राहुल का घर है. आखिर राहुल कैसे शिल्पी तक पहुंचा और दोनों कैसे एक जगह आये. इस बात का खुलासा राहुल और शिल्पी के मोबाइल कॉल डिटेल से मिल सकता है. पुलिस ने भी दोनों के मोबाइल कॉल डिटेल और मोबाइल खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

घटना स्थल पर सामने आये इन बातों पर भी उठ रहे सवाल

शौचालय में शिल्पी के सर के नीचे काफी खून बिखड़ा पड़ा है. जबकि राहुल के सर के नीचे अपेक्षाकृत काफी कम खून है. दूसरी तरफ राहुल का शव इस तरह से शिल्पी के शव पर टिका हुआ है कि देखने से लगता है कि राहुल के शव को बाद में वहां पर लाया गया है. दूसरी तरफ देशी कट्टा राहुल की हथेली से उपर के भाग और बांह से नीचे के भाग के सहारे टिका हुआ है और यह पंजरे पर रखा है. आमतौर पर अगर राहुल ने खुद को गोली मारी होती तो पिस्टल हथेली के पास या नीचे गिरा होना चाहिए था. दूसरी तरफ राहुल का गमझा ठीक उसकी लाश के नीचे है. जबकि गमछा निश्चित रूप से उसके कंधे पर होना चाहिए. जानकार बता रहे हैं कि देखने से ऐसा लग रहा है कि गमझा को पूरी तरह से मोर कर वहां रखा गया है. फिर फोटो में अंतर वाली बात भी सामने आ रही है. राहुल के परिजनों का कहना है कि एक फोटो में हथियार है और दूसरे में नहीं है. हालांकि गोपालपुर पुलिस का कहना है कि फोटो खींचने के तरीके में अंतर होने से ऐसा प्रतीत हो रहा है. फिर भी पुलिस इस बिंदु को भी ध्यान में रख कर छानबीन कर रही है.

अपने माता पिता का इकलौता लड़का था राहुल

राहुल अपने माता पिता का इकलौता लड़का था. राहुल की मौत हो जाने के बाद उसके पिता पुलिसकर्मी प्रमोद मंडल पूरी तरह से टूट गये हैं तो दूसरी तरफ उसकी मां पूनम देवी पूरी तरह से बेसुध है. आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि राहुल पढ़ने में तो तेज था ही खेलने कूदने में भी काफी तेज था. उसने सिपाही भर्ती परीक्षा की लिखित परीक्षा में बाजी मार ली थी. आस पास के लोगों का कहना है कि निश्चित रूप से वह नौकरी ले लेता. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

तीन मासूम से छिन गया मां का आंचल

शिल्पी के तीन बच्चे थे. इशाली छ: साल की है तो नन्हीं चार साल की. तीसरी संतान महज आठ दिन का है. दोनों मासूम बच्चों को यह पता नहीं कि उसकी मां के साथ क्या हो गया है. दोनों भीड़ देख कर रो रहे थे घर के सदस्यों ने उसके हाथ में काटून फिल्म यूट्यूब पर लगा दे दिया और दोनों उसे देखने में मशगूल हो गये. सभी तीनों मासूमों को देख कर हाय काट रहे थे. कहा जा रहा है कि शिल्पी द्वारा पुत्र को जन्म दिये जाने के बाद उसके परिजन काफी खुश थे तो दूसरी तरफ शिल्पी भी इन दिनों काफी खुश रहने लगी थी.

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet