चाइल्ड लाइन को लेकर गुरुवार को डीडीसी सुनील कुमार ने डीआरडीए सभागार में बैठक की। इसमें नवगछिया रेलवे स्टेशन पर भी चाइल्ड लाइन डेस्क का गठन करने का निर्णय लिया गया। इसमें बताया गया कि चाइल्ड लाइन (1098) एक आपातकालीन सेवा हैं, यह बच्चों के लिए 24 घंटा सात दिन काम करेगी।
बालश्रम, बाल विवाह, घरेलू हिंसा के शिकार और जरूरतमंद बच्चे 1098 पर किसी भी समय पर कॉल करके मदद मांग सकते हैं। चाइल्ड लाइन उनके संरक्षण के लिए तैयार रहती है। चाइल्ड लाइन के बारे में वरीय कार्यक्रम पदाधिकारी के सुशोभन ने चाइल्डलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।


सहायक निदेशक रश्मि रंजन ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई बच्चों के क्षेत्र में काम करनेवाली स्टेक होल्डर के साथ समन्वय का काम करती है। बैठक में बाल कल्याण समिति के सदस्य, विशेष किशोर पुलिस इकाई के नोडल पदाधिकारी, आरपीएफ व जीआरपी के प्रतिनिधि मौजूद थे।

