नवगछिया के हरनाथचक गांव से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाले रेल पुल ओवरब्रिज में दरार आने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से पुल निगम और रेलवे के संयुक्त सहयोग से बने इस पुल में पिलर संख्या आठ से दस के बीच स्पष्ट दरार देखी गई है। गुरुवार को जैसे ही इसकी जानकारी फैली, मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण और संचालन शुरू हुए अभी छह महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और इतनी जल्दी दरार आ जाना निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का आरोप है कि निर्माण के समय ही लापरवाही बरती गई, जिसका नतीजा अब सामने आ रहा है।
इंजीनियर ने बताया सामान्य विस्तार दरार
इस संबंध में पुल निगम के कनिष्ठ अभियंता इंद्रदेव प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि यह दो स्पैन के बीच होने वाली स्वाभाविक विस्तार दरार है, जो तापमान परिवर्तन के कारण सामान्य रूप से बनती है और इससे पुल की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता।

हालांकि, इस दावे से स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं और पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें, प्रशासन खामोश
दरार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, लेकिन अब तक जिला प्रशासन या उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि दिसंबर महीने से रेलवे फाटक बंद होने के बाद यह रेल ओवरब्रिज ही नवगछिया बाजार, अनुमंडल अस्पताल और आसपास के इलाकों के लिए एकमात्र प्रमुख मार्ग बन गया है। हजारों लोग रोज इसी पुल से आना-जाना करते हैं, ऐसे में इसकी सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता और भी बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पुल की तकनीकी जांच कराने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले उचित कदम उठाए जा सकें।

