नवगछिया : पिछले दिनों नवगछिया, खरीक, गोपालपुर, बिहपुर और नारायणपुर में नन बैंकिंग, बैंकिंग कर्मियों से हुई लूट मामले में पुलिस एक गिरोह का उद्भेदन करने के एकदम करीब पहुंच गयी है. मालूम हो कि पिछले दिनों हुई पांच से भी अधिक लूट की घटनाओं को लगभग एक ही अंदाज में अंजाम दिया गया. लूट के लिए टारगेट बैंकिंग या ननबैंकिंग कर्मियों को ही किया गया था. नवगछिया पुलिस ने वरीय पदाधिकारियों के निर्देशन में इस मामले में छापेमारी के साथ साथ सघन छानबीन करने में जुट गयी है. रविवार को तीनटंगा और आस पास के गांवों से छ: संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है. फिलहाल पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के द्वारा संदिग्धों से सघन पूछ ताछ की जा रही है.
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आये दिन हुए नन बैंकिंग और बैंकिंग कर्मियों से लूट पाट के मामले में की जा रही है छानबीन
– पोठिया में हुई लूट के क्रम में बंधन बैंक के कर्मी की कर दी थी हत्या
संदिग्धों की निशानदेही पर सघन छापेमारी भी की जा रही है. पूछ ताछ के क्रम में ही इस बात का खुलासा हुआ है कि दो माह पहले कटिहार जिले के पोठिया थाना क्षेत्र में बंधन बैंक कर्मी की लूट के क्रम में की गयी हत्या मामले में भी कहीं न कहीं इसी गिरोह की भूमिका है. इसको लेकर कटिहार जिले के पोठिया थाने के पुलिस भी संदिग्धों से पूछ ताछ के लिए रविवार को नवगछिया पहुंची थी. हालांकि पोठिया पुलिस ने फिलहाल इस संदर्भ में किसी प्रकार की जानकारी मिडीया कर्मियों को नहीं दी है. सूचना मिली है कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर झंडापुर ओपी पुलिस, कदवा पुलिस और नवगछिया पुलिस संयुक्त रूप से विभन्न गांवों में छापेमारी कर रही है.

महज एक मिनट में ही देते हैं घटना को अंजाम
बात सामने आयी है कि नवगछिया में पिछले दिनों सक्रिया इस तरह का लुटेरा गिरोह वारदात को अंजाम देने में ज्यादा समय नहीं लेता है. यह गिरोह सर्वप्रथम घटना की रेकी बाइक से करता है. फिर जिस व्यक्ति से लूट करना होता है, उसकी पूरी गतिविधि की जानकारी लेता है. इसके बाद लूट के लिए जगह सुनिश्चित होते ही लुटेरा गिरोह के सदस्य लूट के लिए चिन्हित किये गये व्यक्ति पर इस तरह झपटा मार कर उसके रकम भरे झोले या बैग को ले भागता है. जब तक पीड़ित कुछ समझ पाता है तब तक लुटेरे बहुत दूर निकल जाते हैं. इस गिरोह में कई अच्छे बाइकर हैं जो भीड़ भाड़ में भी संतुलित रूप से बाइक को तेज भगा सकते हैं.

जमानत होते ही फिर से कूद जाते हैं पुराने धंधे में
इसी तरह के लूट के धंधे में संलिप्त रहने वाले एक अपराधी ने अपना नाम न छापने के शर्त पर पिछले दिनों बताया था कि ऐसा नहीं कि वे लोग पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते हैं लेकिन इस धंधे में आम ज्यादा है दो तीन माह जेल में रहने के बाद उनलोगों को जमानत मिल जाती है और वे लोग फिर से इस तरह के धंधे में कूद जाते हैं. जब अपराधी से पूछा गया कि किसी का रकम छिन लेना गलत है तो उसके पिछे उसका तर्क था कि समाज में इतनी बेरोजगारी है, आखिर करेंगे क्या ? भूखे मर जाने से अच्छा है कि छिन कर अपना पेट भर लो.
पोठिया पुलिस ने कहा मामले में चल रही है छानबीन
कटिहार जिले के पोठिया थाने के थानेदार ने कहा कि मामले में छानबीन चल रही है. अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि पोठिया लूट की घटना में कौन लोग संलिप्त थे.
कहते हैं नवगछिया थानाध्यक्ष
नवगछिया के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर लालबहादुर ने कहा कि पुलिस एक गंभीर मामले की छानबीन में जुटी है. जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जायेगा

