नवगछिया : कददू व्यवसायी इस्माइलपुर प्रखंड के छोटी परबत्ता निवासी मुकेश कुमार और सौर मंडल ने कहा कि हम कद्दू का व्यापारी है. छोटी परबत्ता से कददू लाए हैं. जिसे भागलपुर बेचने के लिए जा रहे है. भागलपुर पहुंचाने में हमें बहुत ही दिक्कत हो रही है. डबल किराया लग रहा है और अलग से मथा पर उठा कर पार करना जो सबसे बड़ा पहाड़ लगता है. ज्यादा मजदूरी भी खर्च हो रहा है. कददू को इस पार से उस पार करने भी दिक्कत होती है. हमको करीब पांच हजार रुपए का नुकसान हो रहा है. जितना कमाई ना होगा उतना पहले ही खर्च हो जाएगा.
मिर्च व्यपारी शिवनारायण राय ने कहा कि कहलगांव से हम मिर्च ला रहे है जिसे बंगाल के कुंच बिहार भेजना है. सबसे बड़ी समस्या तो कहलगांव से लाना है. पुल पर भी लोडिंग अनलोडिंग में अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. जब वह छोटे व्यापारियों को मिर्च का दाम बढ़ाकर बोलते हैं तो छोटे व्यापारी कहते हैं मिर्च बेच रहे हैं या फिर सोना.

भागलपुर से नवगछिया आने वालों के लिए व्हीलचेयर नवगछिया से भागलपुर जाने के लिए पांव पैदल ही सहारा

अररिया रानीगंज से बोधू मंडल का पैर का इलाज करवा कर लोट रहे परिजन ने बताया कि 200 सौ मीटर लगभग पैदल चलना पड़ा. मरीज को कंधा के सहारे लेकर आए आने मे बहुत ही दिक्कत हुआ, अगर पुल चालू रहता तो गाड़ी अराम से चल जाता अभी टैम्पो से आए और इस पार पैदल ही आना पड़ा, उन्होंने कहा कि व्हील चेयर का व्यवस्था तो है मगर जहां पर रहना चाहिए वहां पर नहीं है, लोगों को दिक्कत हो ही रही है. व्हील चेयर को नवगछिया के तरफ रखना चाहिए था. मगर इसको भागलपुर की तरफ रखा है, इसमें यही दिक्कत हो रही है कि एक बर जाकर व्हीलचेयर लाइए इसके बाद पीड़ित मरीज को बिठाइए फिर लेकर जाइए इसमें भी काफी दिक्कत है.


