नवगछिया : श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया में श्री उत्तरतोताद्रि मठ विभीकुंड अयोध्या के पीठाधीश्वर स्वामी अनन्ताचार्य के पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। श्री शिवशक्ति योगपीठ के पीठाधीश्वर रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद ने अपने गुरु के चरण पखारे। इस दौरान यहां सत्संग का आयोजन हुआ।
स्वामी अनंताचार्य ने कहा कि इस धरा पर कोई भी सुखी नहीं है, क्योंकि ऐसे लोग उस चीज की मांग करते हैं, जो नष्ट हो जाता है। इस कारण वे सुखी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर से मांगनी है तो ऐसी चीज मांगें जो कभी नष्ट नहीं हो। तभी वे सुखी रह पाएंगे। स्वामी आगमानंद जी ने कहा कि नाम जप करना सबसे बड़ा यज्ञ है। भगवान का नाम जपें कल्याण हो जाएगा।
इस दौरान प्रो. (डॉ.)नृपेन्द्र प्रसाद वर्मा, पं.श्री शंभुनाथ शास्त्री वेदांती, गीतकार राजकुमार, आचार्य शिवशंकर ठाकुर, सिया शरण पोद्दार, विनय कुमार सिंह परमार, स्वामी शिव प्रेमानंद ‘भाय जी’, स्वामी मानवानंद, मनोरंजन प्रसाद सिंह, डॉ. विनोद कुमार, कौलाचार्य कुंदन बाबा, प्रेमशंकर भारती, पं.श्री सुवंश ठाकुर, दिलीप शास्त्री आदि जैसे कई संत एवं विद्वानों अपने-अपने उद्गार व्यक्त किये। नगरह की कवयित्री तृप्ति पांडेय ने अपनी काव्य रचना से तथा भजनसम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र दीपक मिश्र, माधवानंद ठाकुर, बलवीर सिंह बग्घा, सुबोध, कपीश, पवन दुबे आदि गायकों ने अपनी भजन गायिकी से लोगों को आकर्षित किया।


