नवगछिया : प्रखंड की लाइफ लाइन माने जाने वाली डुमरिया-तिनटंगा सड़क की हालत जर्जर है। यह सड़क तिनटंगा दियारा की चार पंचायतों की एक बड़ी आबादी को जोड़ती है। लेकिन 10 साल बाद भी इस सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और पथ निर्माण विभाग सिर्फ आश्वासन के मरहम लगा रहे हैं।
प्रखंड मुख्यालय की दूरी यहां से 12 किलोमीटर से अधिक है। लगभग 7 किलोमीटर तक इस सड़क की हालत ऐसी है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। रंगरा और गोपालपुर प्रखंड की 4 पंचायतों की लगभग 50 हजार की आबादी इस जर्जर सड़क से आवागमन करने को विवश है। सड़क के निर्माण को लेकर नवगछिया के पूर्व जदयू जिला उपाध्यक्ष व्यास दास के नेतृत्व में दियारा के लोगों ने पिछले वर्ष डुमरिया पुल पर आमरण अनशन भी किया गया था। तब अधिकारियों ने दो माह में सड़क निर्माण शुरू करने का आश्वासन दिया था।

मगर अब तक सड़क निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस्माइलपुर के निवर्तमान जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री को ऑनलाइन आवेदन किया था। जहान्वी चौक से लेकर इस्माइलपुर तक रिंग बांध का निर्माण तो हो रहा है, लेकिन किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। सैकड़ों किसान मुआवजा के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

सड़क निर्माण के लिए आज सीएम से मिलेंगे दियारा के लोगनवगछिया के भाजयुमो जिला महामंत्री मनोज मंडल के नेतृत्व में दियारा के लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए रविवार को पटना के लिए रवाना हुए। इनके साथ इस्माइलपुर के निवर्तमान जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल भी गए हैं। मनोज मंडल ने बताया कि 18 जुलाई 2021 को पथ निर्माण विभाग को ऑनलाइन आवेदन किया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा आवेदन को स्वीकृत कर मिलने के लिए 18 अक्टूबर को बुलाया गया है। समाहरणालय के कुछ पदाधिकारी के साथ वे पटना जा रहे हैं।

