पटना : राज्य के वैसे पंचायत जहां माध्यमिक विद्यालय नहीं हैं, वहां अप्रैल से शुरू हो रहे उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 33,916 शिक्षकों के पद सृजन की कार्यवाही चल रही है। इसके तहत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 32916 शिक्षक तथा 1000 कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति होगी।

शिक्षा विभाग की अनुदान मांग पर विधानसभा में हुई चर्चा के बाद सरकार के उत्तर के क्रम में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने यह बात कही। राज्य सरकार ने यह नीतिगत निर्णय लिया हुआ है कि जिन पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं है वहां इस वर्ष अप्रैल से नौवीं की पढ़ाई आरंभ की जाएगी। ऐसे पंचायतों की संख्या 3,290 है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2019-20 में पाठ्यपुस्तक खरीद के लिए डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से कक्षा एक से आठ तक के 1,66,47,995 विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के खाते में राशि हस्तांतरित की गयी है। वहीं जनवरी, 2020 तक 41,893 प्रारंभिक एवं 527 माध्यमिक विद्यालयों की मॉनीटरिंग बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग (बीईएसटी) के माध्यम से की गयी। इससे स्कूलों में शिक्षक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति में सुधार हुआ है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2019-20 में राज्य में विद्यालय से बाहर के बच्चों की संख्या एक प्रतिशत से भी कम रह गयी है। मात्र 1.44 लाख बच्चे स्कूल से बाहर हैं। नेशनल इनिशिएटिव फॉर स्कूल हेड्स एंड टीचर्स होलिस्टिक एडवांसमेंट के तहत सूबे के प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत 3,79,735 शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के विरुद्ध जनवरी 2020 तक 1,23,570 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि टीईटी 2012 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की वैधता मई 2019 तक थी। टीईटी अभ्यर्थियों के हित में इसकी वैधता अगले दो वर्षो तक के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे नब्बे हजार टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को फायदा होगा।

नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त की मुराद जल्द होगी पूरी

पटना : बिहार के नियोजित शिक्षकों की सेवा शर्त की मुराद जल्द ही पूरी होगी। शिक्षा विभाग ने सेवा शर्त नियमावली संबंधी ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजने की तैयारी पूरी कर ली है। शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक नए सत्र में प्रदेश के करीब पौने चार लाख नियोजित शिक्षकों के लिए सेवा शर्त नियमावली को लागू करने का निर्णय लिया गया है। यहां बता दें कि सेवा शर्त नियमावली को लागू करने की मांग हड़ताली शिक्षकों की मांगों में प्रमुखता से शामिल है। सेवा शर्त की सुविधा मिलते ही नियोजित शिक्षकों को प्रोन्नति का लाभ मिलेगा और वे हेडमास्टर बन पाएंगे।

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By न्यूज़ डेस्क

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