पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से पहले करीब दो लाख बेरोजगारों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। सरकार द्वारा दी जाने वाली नौकरियों में नियमित के अलावा बड़ी संख्या में संविदा और मानदेय वाले पद शामिल हैं। स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षकों की, जबकि विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के नौ हजार पदों के अलावा अन्य श्रेणी के करीब छह हजार पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।
पुलिस महकमे में भी विभिन्न श्रेणी के 30 हजार से ज्यादा पदों पर नियुक्तियां होंगी। इनमें 15 हजार पदों की नियुक्ति प्रक्रिया तो शुरू भी चुकी है। शेष 15 हजार के लिए शुरू करने की तैयारी है। इनमें करीब पांच हजार दारोगा एवं शेष सिपाही के पद हैं। सिपाही चयन पर्षद ने 13 हजार से अधिक पदों पर अगस्त तक नियुक्तियां पूरी करने की पहल तेज कर दी है। करीब 12 हजार नई नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू करने की तैयारी है। नगर विकास एवं आवास विभाग में शासन से लेकर नगर निकायों और बुडको में करीब नौ हजार पदों के लिए अगले दो महीने के भीतर आवेदन मांगे जाने हैं। पंचायतीराज विभाग में पंचायत सचिव के पांच हजार पदों पर नियुक्ति होनी है। तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।

इसके अलावा अन्य कई विभागों ने भी अपनी-अपनी रिक्तियों की सूचना बिहार लोकसेवा आयोग (बीपीएससी), बिहार कर्मचारी चयन आयोग एवं बिहार तकनीकी कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी है। अन्य रिक्त पदों को भी चिह्नित किया जा रहा है। डॉक्टर और इंजीनियर जैसे विभिन्न श्रेणी के कई ऐसे भी पद हैं, जिन्हें सीधे अंकों के आधार पर भरे जाने हैं। सरकार ने ऐसे पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने का निर्णय लिया है। बता दें कि सरकारी अस्पतालों में 6477 डॉक्टरों और 9571 ए-ग्रेड की नर्सों की नियुक्तियां होनी हैं। पथ निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के चार सौ और अवर अभियंता के छह सौ पदों पर शीघ्र नियुक्ति होने वाली है।
कहां-कितने रिक्त पद, जिन्हें भरा जाना है
शिक्षा विभाग : 1.25 लाख
पुलिस महकमा : 30 हजार
स्वास्थ्य विभाग : 25 हजार
नगर विकास विभाग : 9 हजार
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग : 3 हजार
पंचायतीराज विभाग : 5 हजार
ग्रामीण कार्य विभाग : 1500
पथ निर्माण विभाग : एक हजार
पर्यावरण एवं वन विभाग :1500


