भागलपुर : तेजाब हमले की शिकार बिटिया का मंगलवार को बरारी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसकी शवयात्र में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हर आंख में आंसू और आक्रोश था। लोग तेजाब से हमला करने वालों को कोस रहे थे। शहर में कई जगहों पर बिटिया की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा हुई। सोनापट्टी में सभी दुकानें बंद रहीं। देर रात नाथनगर के सुभाष चंद्र बोस चौक पर एसिड हमले के दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रही भीड़ उग्र हो गई। लोगों ने सड़क पर आगजनी की। पुलिस ने लाठियां भांज को हालात को काबू में किया।
इससे पूर्व, बिटिया का शव मंगलवार की शाम 6.15 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से एंबुलेंस से अलीगंज स्थित आवास लाया गया। शव के आने की सूचना पर दोपहर से ही मृतका के घर लोग पहुंचने लगे थे। शाम में जैसे ही पार्थिव शरीर पहुंचने की खबर मिली, अंतिम दर्शन को पूरा अलीगंज उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में लोग घर और आसपास जुट गए। एंबुलेंस से शव उतारते ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों का आना-जाना शुरू हो गया। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था

एसिड पीड़िता की माैत से गुस्साए सैकड़ों युवा मंगलवार की शाम करीब साढ़े 7 बजे नूरपुर इलाके के काली स्थान के पास मोमबत्तियां लेकर दोषियों को फांसी की सजा व एसिड पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग करते हुए सुभाष चौक पर पहुंचे। युवाअाें ने सुभाष चौक के पास भागलपुर-सुल्तानगंज मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर एनएच 80 को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डेढ़ घंटे तक लोगों ने एनएच 80 को जाम रखा। जाम हटाने पहुंची ललमटिया पुलिस को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। बाद में बीडीओ राकेश कुमार सहित नाथनगर इंस्पेक्टर, विश्वविद्यालय थाना प्रभारी, मधुसूदनपुर थाना प्रभारी, ललमटिया थाना प्रभारी बबलू कुमार समेत चारों थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को जाम हटाने के लिए काफी समझाने का प्रयास किया।
युवा ललमटिया थाना प्रभारी से उलझ गये। नहीं मानने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हल्का लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज होते ही सभी भागे तब जाम हटाया जा सका। हालांकि पुलिस लाठीचार्ज की बात से इंकार कर रही है। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि हमलोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस द्वारा बेवजह लाठीचार्ज किया गया। ललमटीया थाना प्रभारी बबलू कुमार का कहना था कि जाम की वजह से वाहनों की लंबी कतार लग गई थी और विधि व्यव्स्था समस्या उत्पन्न हो रही थी।इसे लेकर प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया जा रहा था। मगर लोग मानने को तैयार नहीं थे। भीड़ को हटाने के लिये हल्का बल का प्रयोग किया गया। किसी को चोटें नहीं पहुंची है। मामले में ंनाथनगर इंस्पेक्टर मो. जनिफउद्दिन ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर प्रदर्शकारियों की पहचान की जाएगी और एनएच 80 जाम करने में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

सोमवार सुबह 11.30 बजे इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई थी। एसिड अटैक के बाद उसकी किडनी अौर मूत्र नली में संक्रमण हो गया था। तीन दिनों तक वेंटीलेटर पर थी। रविवार शाम को छात्रा को बनारस के अोपल अस्पताल से एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था। इससे पहले छात्रा का इलाज बनारस के स्मयन अस्पताल में चल रहा था, जहां उसकी सर्जरी भी हुई थी। लेकिन गुरुवार को उसकी हालत बिगड़ने के बाद स्मयन अस्पताल से अोपल में भर्ती कराया गया था। पीड़िता के इलाज के लिए मिलाप संस्था ने क्राउड फंडिंग कर पैसे जुटाए थे। प्रशासन की अोर से भी अार्थिक सहायता दी गई थी। बता दें कि 19 अप्रैल को मनचलों ने घर में घुस कर इंटर की छात्रा को एसिड से नहला दिया था। इस मामले में पुलिस ने दो अारोपी प्रिंस भगत अौर राजा यादव को गिरफ्तार किया था। बाद में छात्रा के 164 के बयान में प्रिंस, राजा के अलावा मनीष अौर रंजीत साह का नाम अाया था। पुलिस मनीष अौर रंजीत साह की संलिप्तता की बिंदु पर जांच कर रही है।


