टीएनबी कॉलेज के स्नातक जूलॉजी विभाग में 37 साल पहले सत्र (1982-84) में 48 छात्रों ने दाखिला लिया था। इस बैच के छह छात्रों ने एक साथ यूपीएससी निकाला था। इनमें से एक आईएएस, दो आईपीएस के अलावा इंडियन पोस्टल सर्विस, इंडियन कस्टम सर्विस व इंडियन फोरेस्ट सर्विस के लिए उनका चयन हुआ। बैच के एक दर्जन छात्रों ने मेडिकल की परीक्षा पास की। 10 छात्रों ने स्टेट सर्विस ज्वाइन किया। वहीं कुछ छात्र वैज्ञानिक और प्राध्यापक बने।

जूलॉजी के शिक्षक व छपरा विवि के कुलपति डॉ.फारुक अली ने कहा कि इस बैच के सभी छात्र अच्छे थे। सेंटअप टेस्ट में कॉपी देखने के साथ ही शिक्षकों ने यह मान लिया था कि यह बैच टीएनबी के लिए मिसाल बनेगा, यही हुआ भी। स्नातक पूरा होते-होते इस बैच के अधिकांश छात्रों का विभिन्न जगहों पर चयन होना शुरू हो गया। दो साल के अंदर सारे छात्रों ने बताया कि उनका विभिन्न जगहों पर चयन हो चुका है।

सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव से लेकर डॉक्टर तक

डॉ. फारुक अली ने बताया कि उनके छात्र सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार (आईएएस), रणवीर सिंह (आईपीएस) पश्चिम बंगाल कैडर, मनोज लाल (आईपीएस), अवधेश कुमार इंडियन पोस्टल सर्विस, रोशन लाल इंडियन कस्टम सर्विस, कार्तिक सिंह इंडियन फोरेस्ट सर्विस में चयन हुआ था। इनके अलावा डॉ. श्यामुल हक (यूके), डॉ. ओबेश अली (चीफ मेडिकल ऑफिसर कोल इंडिया), आशीष सिन्हा (बिहार स्टेट सर्विस), अनलकांत झा (प्राध्यापक) के रूप में जाने-पहचाने नाम हैं।

क्लास रूम स्टडी से मिली सफलता:

अपने बैच को याद करते हुए डॉ. ओबेश अली ने कहा कि उस समय ट्यूशन पढ़ने का रिवाज नहीं था। क्लास रूम स्टडी इतनी बेहतर होती थी कि उसी को याद रखने से हर तरह की प्रतियोगिता में सफलता मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि हमलोगों के जीवन पर भौतिकी के मित्रा सर, केमेस्ट्री के लाल सर, बॉटनी के जायसवाल और एके सिंह सर, जूलॉजी में अंजनी सर, फसीउद्दीन सर, जेएन सिंह सर और फारुक अली सर का काफी योगदान है। जितेंद्र कुमार (आईएएस) ने कहा कि टीएनबी का समय काफी बेहतर रहा था। यहां पढ़ाई का माहौल काफी बेहतर था। सबों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल था। इस वजह से सभी छात्रों का चयन हुआ।

भागलपुर से काठमांडू की साइकिल यात्रा की

नामांकन के साथ ही इस बैच के छात्रों ने मन बनाया कि वे भागलपुर से काठमांडू की साइकिल यात्रा करेंगे। सभी साइकिल लेकर यात्रा पर चले गए। फिर लौटकर आए तो दक्षिण भारत की यात्रा पर जाने का मन बना लिया। शिक्षकों ने इस दौरान कुछ असाइनमेंट भी दिया। छात्रों का दल तिरुपति, उंटी, कन्याकुमारी, रामेश्वरम सहित कई शहर घूम कर आया। कैंपस में इनकी यात्राओं की भी चर्चा होती थी।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *