भागलपुर : खरीफ फसल में बाढ़ से नुकसान का फिर से आकलन होगा। इस बारे में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। जिलाधिकारी से कृषि विभाग को मिले पत्र के अनुसार फसल क्षति का आकलन करने के लिए तीन अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। कहा गया है कि बाढ़ से जिले में फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। नुकसान का पहले भी प्रतिवेदन भेजा गया था।
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जिला कृषि पदाधिकारी केके झा ने कहा है कि इस आकलन में यह ध्यान रखा जाएगा कि ऐसे किसान जिनका 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति हुई है वह इनपुट अनुदान से वंचित न रह जाए। फसल में धान, मक्का, मिर्च, सब्जी, गन्ना, केला, पपीता, दलहन एवं तिलहन फसल पर विशेष रूप से ध्यान देकर जांच की जाएगी। पुन: जांच के लिए जो टीम बनायी गई है, उसमें सहायक निदेशक (रसायन) मिट्टी जांच प्रयोगशाला सह अनुमंडल कृषि पदाधिकारी नवगछिया को गोपालपुर, इस्माईलपुर, रंगरा चौक, नवगछिया, खरीक एवं नारायणपुर में जांच की जिम्मेदारी दी गई है।


अनुमंडल कृषि पदाधिकारी भागलपुर कुमार विजय को पीरपैंती एवं कहलगांव प्रखंड की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अरविंद कुमार को सबौर, नाथनगर एवं सुल्तानगंज की जिम्मेदारी दी गई है। शेष बचे हुए प्रखंड जैसे गोराडीह, शाहकुंड एवं सन्हौला की जांच स्वयं जिला कृषि पदाधिकारी करेंगे। फसल क्षति का पुन: जांच करते समय वीडियोग्राफी भी करना है। आकलन रिपोर्ट 10 से 12 सितंबर तक कर लेने का निर्देश दिया गया है।
