भागलपुर : जिले के पांच निकायों में रविवार को पड़े वोटों की गिनती मंगलवार सुबह 8 बजे से होने लगेगी। सबौर के बीएयू कैंपस के डीएवी पब्लिक स्कूल के 15 हॉल में काउंटिंग की व्यवस्था की गई है। यहां 105 टेबल बनाए गए हैं। सुल्तानगंज और नवगछिया नगर परिषद के लिए 30-30 टेबल बनाए गए हैं। जबकि कहलगांव, अकबरनगर और पीरपैंती नगर पंचायत के लिए 15-15 टेबल बनाए गए हैं।
ओसीआर पद्धति से ईवीएम के वोटों की होगी ऑनलाइन काउंटिंग
सभी पदों के लिए अलग-अलग कमरे में गिनती की व्यवस्था होगी। वोटों की गिनती ऑप्टिकल कैरेक्टर रीडर (ओसीआर) पद्धति से होगी। ओसीआर वीडियो फुटेज से गणन करता है। इसे ईवीएम के ठीक ऊपर रखा जाता है। जहां ऑटोमेटिक तरीके से प्रत्याशियों को मिले वोटों की गिनती हो जाएगी। यही कारण है कि पहला रुझान 9 बजे आने शुरू हो जाएंगे।
543 उम्मीदवारों में 5-5 मुख्य-उप मुख्य और 95 पार्षद मिलेंगे
उप निर्वाचन पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने बताया कि कुल 543 उम्मीदवारों के वोट रविवार को ईवीएम में बंद हुए। इनमें 428 पार्षद पद के लिए और 52 मुख्य व 63 उप मुख्य पार्षद पद के प्रत्याशी शामिल हैं। पहले चरण वाले क्षेत्र के 95 वार्ड पर नये पार्षद की घोषणा मंगलवार को ही हो जाएगी। जबकि पांचों निकायों के सभापति व उप सभापति के लिए 5-5 चेहरों की ताजपोशी हो जाएगी। सभी विजयी प्रत्याशियों को मंगलवार को ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

315 कर्मी वोटों की करेंगे गिनती, 100 अधिकारी मॉनिटरिंग
मतगणना कार्य के लिए 315 कर्मी ऑनड्यूटी रहेंगे। प्रत्येक टेबल पर तीन-तीन गणक रहेंगे। जबकि 30 कर्मियों को मतगणना स्थल पर ही सुरक्षित रखा गया है। जिनकी जरूरत पड़ने पर विशेष परिस्थिति में ली जा सकेगी। मतगणना कार्यों की निगरानी के लिए करीब 100 अधिकारियों की भी ड्यूटी मौके पर लगाई गई है। मतगणना कार्य के लिए चिह्नित कर्मियों को सुबह 5 बजे काउंटिंग गेट पर योगदान देने को कहा गया है। वे आई-कार्ड के साथ आएंगे। गेट के अंदर मोबाइल आदि की इजाजत नहीं होगी।
सिर्फ प्रत्याशी व उनके एजेंट ही आईकार्ड दिखा अंदर जा सकेंगे
सदर एसडीओ धनंजय कुमार ने बताया कि मतगणना समाप्ति तक काउंटिंग एरिया में धारा 144 लागू रहेगा। काउंटिंग गेट के अंदर सिर्फ प्रत्याशी और उनके काउंटिंग एजेंट को प्रवेश दिया जाएगा। इन्हें परिचय पत्र जारी किया जा चुका है। बैरिकेडिंग रेलवे पटरी को बनाया गया है। वहां बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। जो भीड़ को नियंत्रित करेंगे। पार्किंग की व्यवस्था हाईस्कूल कैंपस में की गई है।

