भागलपुर : बूढ़ानाथ मोहल्ले में राज कालीबाड़ी में सोमवार रात सवा आठ बजे रत्ती काली का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। शाम में मंदिर के पुजारी मन मोहन चटर्जी और उनके परिजनों ने मां काली की प्रतिमा का सिर खाली देखा तो मामले की जानकारी हुई। इसके बाद जोगसर पुलिस को सूचना दी गई। चोरी गया चांदी का मुकुट करीब 50 भर चांदी का है। यह काफी पुराना था और मुकुट की नक्काशी देखने लायक थी।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

पुलिस को शक है कि शाम में मां काली के दर्शन को आए भक्तों की आड़ में किसी ने उक्त मुकुट चुराया है। मंदिर के बाहर एक घर में लगा सीसीटीवी कैमरा खराब रहने के कारण चोरों का सुराग नहीं मिल पाया है। रत्ती काली का मुकुट चोरी होने की सूचना पाकर मंदिर में लोगों की भीड़ जुट गई। यह मंदिर चटर्जी परिवार के लोगों का है और वे ही इसकी देख-रेख करते हैं। पुजारी ने बताया कि कभी भी इस मंदिर में चोरी नहीं हुई थी।

हमेशा भक्तों के लिए मंदिर का पट खुला रहता है। आसपास के लोग सुबह-शाम आकर यहां हाजिरी देते हैं। पुजारी के परिजनों ने बताया कि चोर प्रोफेशनल नहीं था। इस कारण सिर्फ मुकुट ही ले गया, लेकिन वहां कई कीमती चीजें थी, जिसे वह नहीं ले जा पाया। बूढ़ानाथ मंदिर के आसपास हमेशा नशेडिय़ों का जमावड़ा लगा रहता है। लोगों को शक है कि नशेडिय़ों ने मां काली का मुकुट चुराया है।

काफी पुराना था मुकुट, उस पर नक्काशी थी देखने लायक

रत्ती काली मंदिर में मुकुट चोरी मामले की जांच करने पहुंची जोगसर पुलिस।

दुर्गा मंदिर में पहले हो चुकी है चोरी

नौ जनवरी 2015 को बूढ़ानाथ मंदिर के बाहर दुर्गा मंदिर में चोरी हो गई थी। चोरों ने मंदिर के देवी-देवताओं की प्रतिमा के लाखों रुपए मूल्य का आभूषण चुरा लिया था। चोरी हुए आभूषण में एक किलो चांदी, 50 ग्राम सोना व दान-पेटी का चढ़ावा शामिल था। चोरों ने मंदिर के छज्जे पर चढ़ कर ग्रिल के जरिये डंडे से देवी-देवताओं का आभूषण चुराया था। जबकि ग्रिल में हाथ घुसा कर दान पेटी को तोड़ दिया था और उसका सारा नोट ले लिया ‌व खुदरा को छोड़ दिया था।

By Rishav Mishra Krishna

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet