सिल्क सिटी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नहीं बल्कि इसकी जगह सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल का निर्माण होगा। इसकी जानकारी आरटीआइ के माध्यम से मिली है। हालांकि बांका, अररिया, खगड़िया, सहरसा, मुंगेर, लखीसराय, किशनगंज, कटिहार सहित अन्य जिलों के जिला प्रशासन से एम्स के लिए जमीन चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है।
आरटीटाइ कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह को सरकार के उपसचिव अनिल कुमार ने इस आशय का पत्र भेजा है। जिसमें उप सचिव ने एम्स के लिए दो सौ एकड़ जमीन चिह्नित करने का निर्देश अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, जमुई, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, मुंगेर नवादा, रोहतास, सहरसा, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल एवं वैशाली जिला प्रशासन को दिया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि जिस जिले में मेडिकल कॉलेज है, वहां एम्स नहीं खुलेगा। कटिहार, किशनगंज, रोहतास और सहरसा में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं। भागलपुर में भी मेडिकल कॉलेज है। इसलिए वहां सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुलेगा।

अगले माह मिलेगा तोहफा
भागलपुरवासियों को सितंबर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का तोहफा मिल जाएगा। इस पर केंद्रीय और राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतिम मुहर लगा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य स्वास्थ्य समिति ने इसकी कवायद भी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना से बनने वाले इस अस्पताल का निर्माण माउंट कार्मेल स्कूल के समीप मेडिकल कॉलेज की जमीन पर किया जाएगा। अस्पताल में 200 बेड होंगे। अस्पताल का दायरा पांच एकड़ में होगा। इसके निर्माण से पूर्व बिहार के हजारों मरीजों को सहूलियत होगी। उन्हें बाहर जाकर इलाज कराने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। उधर, निर्माण को लेकर केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्रि्वनी कुमार चौबे निर्माण स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप दी है।
108 करोड़ से बनेगा अस्पताल का भवन
सितंबर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के भवन निर्माण का शिलान्यास किया जाएगा। 108 करोड़ की राशि से भवन निर्माण कार्य किया जाएगा। बीते शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के निदेशक जितेंद्र अरोड़ा के साथ बैठक में तय किया गया। बैठक में मेडिकल कॉलेज के डॉ. नारायण सिन्हा शामिल हुए।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमंत सिन्हा ने बताया कि डॉ. नारायण सिन्हा को अस्पताल में आवश्यक फर्नीचर की सूची देकर भेजा गया है। बैठक में सूची पर भी सहमति हो गई है। अस्पताल में तकरीबन 120 करोड रुपये के उपकरण की खरीद भी की जानी है।
यहा नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, कार्डियोलॉजी, ट्रामा वार्ड, इमरजेंसी मेडिसीन, कार्डियेक सर्जरी, कैंसर विभाग और वरीय नागरिकों के इलाज के लिए जेरिएट्रिक्स विभाग का निर्माण होगा। जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राम चरित्र मंडल ने बताया कि यहा विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों का इलाज करेंगे। मरीजों को आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं मिलेंगी


