भागलपुर: जिले में इस पूरे सप्ताह बारिश का पूर्वानुमान पहले ही जताया जा चुका है। वहीं शनिवार की शाम साढ़े पांच बजे के करीब तेज बारिश शुरू हुई। तेज हवा और मेघ गर्जन के साथ भागलपुर में हुई बारिश ने घर के बाहर निकले लोगों को जहां-तहां स्थिर कर दिया। झमाझम बारिश से मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया।

भागलपुर के अलवा नवगछिया पुलिस जिला, बांका, कटिहार और पूर्णिया में भी जमकर बारिश हुई। बांका में बारिश होने से किसानों को कृषि कार्य की उम्मीद जगी है। जिले में बारिश नहीं होने से किसान अभी तक धान का नर्सरी नहीं डाल पाए थे लेकिन शुक्रवार के बाद शनिवार को हुई बारिश ने किसानों के चेहरे पर चमक ला दी। इससे पहले बांका में शनिवार को 10 एमएम की बारिश हुई थी। वहीं, शहरी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जबकि अमरपुर व बौंसी में वज्रपात में पांच मवेशियों की मौत हो गई है।

कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी जुबुली साहू ने बताया कि जिले में शुक्रवार को लगभग 10 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार के बाद रविवार को जिले के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। केविके के शस्य विज्ञानी डा. रघुवर साहू ने बताया कि बारिश होने से किसान खेतों की जुताई कर मध्यम अवधि वाले धान की नर्सरी डाल सकते हैं।

सड़कें पानी-पानी

एक घंटे तक जोरदार बारिश के बाद मुख्य बाजार की सूरत बद से बदतर हो गई। बाजार के एसबीआई शाखा के समीप मुख्य सड़कों पर करीब आधे किलोमीटर तक जलजमाव हो गया । सड़क पर करीब एक फीट तक पानी जमा हो गया। इसके चलते कई दो पहिए वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हुए। राहगीरों को पैदल पांव चलना मुश्किल हो गया। स्थानीय निवासी विभूति प्रसाद ङ्क्षसह , कारेलाल ठाकुर , रूपेश कुमार , मुन्ना साह , दीपक कुमार सहित अन्य ने बताया कि सरकार ने सड़क तो चमकाने का काम किया , लेकिन नाली निर्माण करना भूल गए। बाजार में सड़क के दोनों छोर सघन आबादी है । नाला नहीं रहने से घर का दूषित पानी सीधे सड़क पर निकलती है। जिस कारण हल्की बारिश पड़ते ही जलजमाव की समस्या उत्पन्न होती है। इस संबंध में सीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि सड़क पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई है। बाजार से अतिक्रमण हटाया जाएगा।

मवेशियों की वज्रपात से मौत

बांका के अमरपुर में अलग-अलग जगहों पर ठनका की चपेट में आने से दो भैंस की मौत हो गई। इसमें कौशलपुर गांव के अरविंद यादव व केंदुआर गांव के समीप बहियार में सूरज यादव की भैंस की मौत हो गई । दोनों पशुपालकों ने सीओ को आवेदन देकर सरकारी मुआवजा की मांग की है। बौंसी के सांगा पंचायत अंतर्गत घुटिया गांव में वज्रपात होने से तीन मवेशी की मौके पर ही मौत हो गई। पशु पालक अनिल मरीक, नरेश मरीक, सत्यदेव मरीक ने इसकी जानकारी दी है। बताया कि मवेशी की मौत से करीब एक लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मुआवजा की मांग की है।

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By न्यूज़ डेस्क

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