भागलपुर। फर्जी प्रमाण पत्र पर शिक्षक की नौकरी लेने वाले संतोष कुमार और रूबी कुमारी की चोरी निगरानी विभाग ने पकड़ ली है। दोनों के प्रमाण पत्रों की जांच कराने में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। निगरानी के पुलिस निरीक्षक ईश्वर चौधरी के लिखित प्रतिवेदन पर दोनों फर्जी शिक्षकों के विरुद्ध् धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप में जगदीशपुर थाने में दोनों के विरुद्ध शुक्रवार को केस दर्ज करा दिया हैँ।
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रूबी की तैनाती मध्य विद्यालय गंगटी दाऊदवाट में थी जबकि संतोष की तैनाती उर्दू मध्य विद्यालय कुंडी में थी। उच्च न्यायालय पटना के निर्देश के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के इंस्पेक्टर ने 29 जनवरी 2021 को नियोजित पंचायत शिक्षिका रूबी कुमारी की मैट्रिक के अंकपत्र और संतोष कुमार के इंटर के अंकपत्र की जांच के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना को जांच के लिए भेजा गया था। जांच प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराने को कहा गया था।
फोल्डर से प्राप्त जांच को भेजे गए नियोजित पंचायत शिक्षिका हबीबपुर के दाऊदवाट निवासी रूबी कुमारी तथा बलुआचक जगदीशपुर निवासी संतोष कुमार का प्रमाण पत्र जांच में फर्जी पाया गया। निगरानी इंस्पेक्टर ने केस दर्ज कराते हुए जानकारी दी है कि दोनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर षडयंत्र रचकर नाजायज लाभ लेने के उद्देश्य से मैट्रिक, इंटर के अंकपत्र और प्रमाण पत्र को गलत तरीके से नियोजन संपन्न कराया। ऐसा करना एक संज्ञेय अपराध है। इस अवैध नियोजन में अन्य लोगों की संलिप्तता के संबंध में निगरानी इंस्पेक्टर ईश्वर चौधरी ने तफ्तीश की आवश्यकता बताया है।

बिना परीक्षा दिये हो गए प्रथम श्रेणी से दोनों पास
फर्जी प्रमाण पत्र से शिक्षक बने रूबी और संतोष ने अजब-गजब का खेल खेलते हुए अन्य अज्ञात लोगों के सहयोग से बिना परीक्षा दिये प्रथम श्रेणी से परीक्षा पास करने का प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया था। दोनों ने नियोजन इकाई की आंखों में धूल झोंकते हुए प्रथम श्रेणी के अंक पत्र और प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर शिक्षक बन गए थे। जांच में उनकी चोरी पकड़ ली गई है
