लहेरीटोला प्राचीन दुर्गा मंदिर की स्थापना कब हुई है इसका कोई ठोस प्रमाण तो नहीं है, लेकिन माना जाता है कि नाथनगर के महाशय ड्योढ़ी के बाद यहां दुर्गा मंदिर की स्थापना ढाई सौ साल पहले किया गया है। यहां पारंपरिक तरीके से पूजा की जाती है। पूजा समिति के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गुप्त ने बताया कि यहां अब तक माता के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मूर्तिकार गोपाल पंडित प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।लहेरी समाज की महिलाएं सबसे पहले माता को खोंइछा देती हैं। मान्यता है कि मां की खोंइछा का चावल ग्रहण करने से सूनी गोद हरी हो जाती है।
यही कारण है कि यहां खोंइछा का चावल लेने के लिए महिलाओं की भीड़ लगती है। यहां की खासियत रही है कि मूर्ति में आज तक बदलाव नहीं किया गया है। पूजा फूस की झोपड़ी में शुरू किया गया था। धीरे-धीरे समाज के लोगों ने मंदिर का निर्माण कराया। सुजागंज निवासी स्व केशव प्रसाद के निधन के बाद इनके पुत्र विष्णु को मंदिर की व्यवस्था का भार सौंपा गया। 1974 में समिति के मंत्री तिलकधारी लाल के त्याग पत्र देने के बाद नयी समिति का गठन किया गया। जिसमें 18 लोगों की समिति बनाई गई। सभापति विष्णु प्रसाद, मंत्री राधे प्रसाद, सह मंत्री तिलकधारी लाल, पूजा प्रबंधक जगन्नाथ प्रसाद साह मनोनीत किए गए। इसके बाद मंदिर प्रांगण में लक्ष्मी, गणेश, काली, शिव-पार्वती, सरस्वती, अन्नपूर्णा सहित 11 देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित की गई।

लहेरी टोला में मां दुर्गा की प्रतिमा को बनाते मूर्तिकार।
पूजा मद में 2 लाख रुपए खर्च करेगी कमेटी
वर्तमान पूजा समिति के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गुप्ता, सचिव श्यामानंद गुप्ता, कोषाध्यक्ष संजय गुप्ता, पूजा व्यवस्थापक राजेश गुप्ता, अभय कुमार लाल, अशोक विश्वकर्मा, नरेश मोदी, सुरेन्द्र मेहता, रघुनाथ प्रसाद गुप्ता हैं। सचिव ने बताया कि 63 वर्षीय गुरुपद मालाकार साज सज्जा करेंगे। काम करेंगे। यहां पूजा पर विशेष खर्च किया जाता है। इस बार दो लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
पूजा से पहले लाेहिया पुल की मरम्मत कराए जिला प्रशासन
दुर्गापूजा महासमिति ने जिला प्रशासन से पूजा से पहले लोहिया पुल मरम्मत कराने की मांग की है। समिति के सदस्यों ने कहा कि लोहिया पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे विसर्जन शोभायात्रा के दौरान परेशानी होगी। शुक्रवार को महासमिति के प्रवक्ता विनय कुमार सिन्हा के साथ सदस्यों ने मानिकपुर, मिरजानहाट, मोहद्दीनगर , इशाकचक मेन रोड, ईश्वरनगर आदि पूजा स्थलों का दौरा कर क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत हुए। महासमिति के पदाधिकारी पैन इंडिया द्वारा सड़क पर खोदे गए सड़क गड्ढों की भरायी नहीं होने पर नाराजगी जतायी है।

वहीं उक्त पूजा स्थलों के आसपास बिजली के जर्जर तारों में कोटेड वायर लगाने की भी मांग की है। महासमिति ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि लोहिया पुल व विसर्जन मार्ग, घाटों की मरम्मत कराई जाए। पूजा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को वनवे किया जाए। टीम में दुर्गापूजा महासमिति के अध्यक्ष अनिता सिंह, चिरंजीवी यादव धूरी, अभय कुमार घोष, जयनंदन आचार्या, भगवान यादव, तरुण घोष, कन्हैया लाल, माणिक पासवान, डॉ. रेखा कुमारी, उमा घोष, अशोक सरकार, सरोज झा आदि शामिल थे।


