भागलपुर : सैंडिस कंपाउंड में लगे डिज्नीलैंड मेला का संचालक बकाये राशि का भुगतान किए बिना अधिकांश सामान समेट कर भाग गया है। जिला प्रशासन दोनों गेटों पर पहरा लगाता रहा, आयोजक दो दिन पूर्व मेला का समापन कर सामग्री को खोलकर ले गए। बताया गया अब जो सामान बचा है वह स्थानीय व्यापारियों का है। संचालक ने आरक्षण शुल्क के नाम पर 10 लाख 96 हजार की चपत लगाई है। राशि की वसूली के लिए नीलाम पत्र वाद दायर होगा।

प्रशासन इसे सरकारी राशि का गबन का प्रयास मान रहा है। अब गबन के प्रयास में संचालक पर प्राथमिकी होगी। नियमानुसार, सैंडिस कंपाउंड में डिज्नीलैंड का बुधवार को अंतिम शो होना था। इसके आधार पर एक नवंबर से डिज्नीलैंड को बंद होना था। संचालक को सोमवार को नोटिस दिया गया। संचालक को बकाये राशि जमा करने के लिए 26 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। इस अवधि में राशि जमा नहीं की गई। चार महीने से मेला चल रहा था। इसके बावजूद बकाये राशि दिए बिना वह सामान समेट लिया है।

सामान्य शाखा के प्रभारी दीपू कुमार ने कहा कि संचालक को 133 दिन के लिए फन पार्क, डिज्नीलैंड, हैंडलूम हैंडी क्राफ्ट प्रदर्शनी मेला के आयोजन के लिए 20 जून से 31 अक्टूबर 2018 तक सशुल्क एवं सशर्त अनुमति दी गई थी। इसबीच, आरक्षण शुल्क मद में बकाये राशि जमा करने के लिए कई बार पत्र और फोन से सूचना दी गई। सामान्य शाखा ने मां वैष्णो देवी विकास प्रदर्शनी मेला के संयोजक संजय कुमार पांडेय को पत्र और अब नोटिस दिया है। बताया गया कि 133 दिनों के लिए 12 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 15 लाख 96 हजार रुपये की राशि होती है।

पांच लाख रुपये ही जमा किया गया है। शेष राशि जमा करने के प्रति संचालक लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। नोटिस में यह कहा गया है कि राशि जमा नहीं करने पर मैदान से सामान बाहर नहीं जाएगा और आरक्षण तिथि के बाद मैदान पर सामान रहने की स्थिति में 12 हजार रुपये की दर से अलग से राशि की वसूली होगी। सामान्य शाखा प्रभारी ने बिहार गृह रक्षा वाहिनी के समादेष्टा को अगले आदेश तक निकासी द्वार बंद रखने का निर्देश दिया। उधर, संचालक ने कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट की शरण ली है। चर्चा है कि आयोजक ने उचित स्थान नहीं मिलने, साफ सुथरा खुला स्थान नहीं देने और आरक्षण शुल्क अधिक लेने को लेकर कोर्ट से न्याय मांगी है।

राशि बकाया रहने पर लाजपत पार्क में महीनों रखा गया था सामान

वर्तमान डिज्नीलैंड संचालक का पिछला इतिहास ठीक नहीं रहा है। बकाया राशि रहने सहित कई कारणों से लाजपत पार्क के मैदान में भी महीनों सामान रखा हुआ था। हालांकि इस आयोजन में और भी साझेदार थे। हाल ही में बूढ़ानाथ मंदिर प्रांगण में मेला लगा था। वहां बकाये राशि रहने के कारण मंदिर प्रबंधन ने कार्रवाई की थी।

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By न्यूज़ डेस्क

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