1858 में बने अंग्रेज काल का पीरपैंती स्टेशन के पास स्थित उल्टा पुल संख्या 91 महज 84 मिली सेकेंड में ध्वस्त हो जायेगा।

उक्त बातें शैल उत्खनन अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एसआई ओसी सोम लियोन ने धनबाद से पुल ध्वस्त करने की तैयारी का जायजा लेने यहां पहुंचने पर कही। उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ प्रदीप कुमार सिंह के निर्देशन में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमने 6 पुल को ध्वस्त कर दिया है अब यह सातवां व आखरी होगा जो 12 जनवरी को ध्वस्त कर दिया जाएगा। वे चार सदस्यीय वैज्ञानिकों की टीम के साथ शुक्रवार की शाम यहां पहुंचे तथा विस्तृत निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुल के अंदर किए गए 200 सुराख में विस्फोटक भरा जाएगा का निरीक्षण किया कि यह सही है या नहीं।

टीम में शामिल वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी राकेश कुमार सिंह, तकनीकी अधिकारी पंचानंद हेम्ब्रम, तकनीकी सहायक शैकत बनर्जी ने कहा कि इसके अलावा जो हमारे बचाव के उपाय हैं मिट्टी भरी बोरी, टीन सीट का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहां बारूद भरा जाएगा उसे सुरक्षित किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने बताया कि पुल उड़ाने हेतु 5 सौ मीटर की दूरी पर घेराबंदी की जाएगी। ताकि सुरक्षित विस्फोट किया जा सके। इसके लिए 11 बजे से शाम 5 बजे तक ब्लॉक लिया गया है। इसके बाद ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसी कार्य को संपादित करने में सहयोग हेतु दूसरी टीम शनिवार को पहुंच रही है। टीम में मुरारी राय, विवेक हिमांशु एवं सूरज कुमार शामिल हैं।

पुल को उड़ाने में मिली सेकेंड डिले डिटोनेटर का प्रयोग पुल को उड़ाने में मिली सेकेंड डिले डिटोनेटर का प्रयोग किया जा रहा है जिसमें 17, 25, 42 एवं 84 का प्रयोग किया जायेगा। वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एसआई ओसी सोम लियोन ने बताया कि सेंसेटिव स्ट्रक्टर जो हैं उनके बचाव हेतु विभिन्न आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसमें कंट्रोल ब्लास्टिंग का प्रयोग किया जा रहा है।

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By न्यूज़ डेस्क

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