राम की भांति देश को एक सूत्र में पिरोने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन में निहित आर्थिक संभावनाओं का दोहन करने के लिए रेलवे ने श्री रामायण एक्सप्रेस नाम से एक नई टूरिस्ट ट्रेन शुरू की है। इस पैकेज में अयोध्या से लेकर रामेश्वरम और कोई यात्री चाहे तो श्रीलंका में रामायण में उल्लिखित प्राय: सभी प्रमुख तीर्थस्थलों की सैर कराएगी।
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बुधवार को नई दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से इसने अपनी पहली यात्रा प्रारंभ की। इसमें क्षमता के अनुसार पूरे 800 यात्री सवार थे। श्री रामायण एक्सप्रेस पूरी तरह स्लीपर क्लास की ट्रेन है। लेकिन इसके जरिए रामायण तीर्थाटन करने के इच्छुक लोगों में हर वर्ग के वयस्क लोग शामिल थे। सभी इस ट्रेन के संचालन से प्रसन्न और उत्साहित थे।

आइआरसीटीसी तथा उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने माल्यार्पण के साथ उनका भव्य स्वागत किया और मंगलकामनाओं के साथ उन्हें रवाना किया। इस अवसर पर राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान का रूप धरे कलाकारों ने रामायण से जुड़ी प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भावमय बनाने का प्रयास किया।
सोलह दिन के सफर में यह ट्रेन सबसे पहले अयोध्या पहुंचेगी। जहां यात्री हनुमान गढ़ी, रामकोट और कनक भवन मंदिर के दर्शन कर सकेंगे। तदोपरांत ट्रेन नंदीग्राम, सीतामढ़ी, वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, नासिक और हंपी रुकते हुए रामेश्वरम में जाकर अपना एक तरफ का सफर पूरा करेगी। लोगों की सुविधा के लिए आइआरसीटीसी ने इतने पैकेज का किराया प्रति यात्री 15,120 रुपये रखा है, जिसमें किराये के अलावा धर्मशाला में ठहरने, खाने और घूमने का खर्च शामिल है।

जबकि उसके आगे श्रीलंका जाने के इच्छुक यात्रियों से 36,970 रुपये लिए जाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि रामेश्वरम से श्रीलंका की यात्रा हवाई जहाज से कराई जाएगी। और वहां के पांच दिवसीय टूर पैकेज के तहत कांडी, नुवारा एलिया, कोलंबो तथा नेगोंबो जैसे प्रमुख स्थलों का दौरा कराया जाएगा।
इससे पहले आइआरसीटीसी 28 अगस्त से 9 सितंबर के दौरान रामायण सर्किट पर एक टूरिस्ट ट्रेन का संचालन कर चुकी है। इस ट्रेन ने 39,800 रुपये के पैकेज में श्रद्धालु यात्रियों को पंचवटी, चित्रकूट, श्रृंगवेरपुर, तुलसी मानस मंदिर, दरभंगा, सीतामढ़ी, अयोध्या तथा रामेश्वर के दर्शन कराए थे।

