भागलपुर। वर्तमान में गंगा नदी पर अवस्थित विक्रमशिला सेतु पर यातायात का लोड घटाने के लिए समानांतर सेतु के निर्माण की दिशा में पहल तेज हो गई है। पुल निर्माण निगम ने समानांतर सेतु एवं एप्रोच पथ के निर्माण के लिए अर्जित की जाने वाली भूमि का सर्वे कर लिया है। निगम ने दोनों ओर कुल 51 एकड़ 42 डिसमिल जमीन की आवश्यकता जताई है। भू-अर्जन में 52 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पुल निर्माण निगम ने इस कार्रवाई से जिला प्रशासन को अवगत कराया है।
शनिवार को पत्रकार सम्मेलन में जिला पदाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि वर्तमान विक्रमशिला सेतु के दांए (सबौर की दिशा में) एक सौ मीटर की दूरी पर नया समानांतर सेतु फोर लेन का होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक वर्ष में भू अर्जन की कार्रवाई पूरी कर निर्माण शुरु होगा। पुल निर्माण निगम ने समानांतर सेतु के निर्माण के लिए एप्रोच पथ को चिह्नित कर सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। उन्होंने कहा कि नवगछिया में जीरोमाइल तक की सड़क को तकनीकी तौर पर एनएच में परिवर्तन कर दिया गया है। इसके बाद ही समानांतर सेतु के निर्माण की दिशा में कवायद तेज हुई है।


मालूम हो कि विक्रमशिला सेतु पर वाहनों के दवाब से लगातार जाम लगता था। दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब भागलपुर आए थे, तब उन्हें सेतु पर नित्य लगने वाले जाम की समस्या से अवगत कराया गया था। पटना लौटने से पहले सीएम ने नए पुल की संभावना पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके आधार पर पूर्व डीएम ने अभियंताओं की कमेटी बनाकर सर्वेक्षण कराकर सरकार को रिपोर्ट भेजी थी। सीएम के स्तर पर इस प्रस्ताव का अनुमोदन होने के बाद केंद्र सरकार को भेजा गया था। अब राज्य सरकार ने यहां नया पुल बनाने की सिद्धांत: सहमति देते हुए कैबिनेट से स्वीकृति दे दी है। इसके बाद ही पुल निर्माण निगम ने अर्जित की जाने वाली भूमि का सर्वेक्षण किया है।


