https://images.openai.com/static-rsc-4/TwiwvlDL68tgCWuheRDNHuod5e1SwQoO9nsNbstwMOYkfoSezxGbAVC3pfYIWKHOQqUQz5tpXrslP-xdfWDUGWsu-ZgDiMQPW2ZWJaw6ChMiB5BxLlbPhaOCHbP5Bja4dOFOth7CUdGLG7QcG-IrP0M7vPp92hi1V1Mykh6Izo8jV72tOTGSkoEmyoe98q2l?purpose=fullsize

भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज निर्माण का काम बुधवार रात से शुरू हो गया। जीरोमाइल की ओर से दो जेसीबी मशीनों की मदद से सेतु पर जमी अलकतरा की परत हटाई गई। 16 मई से बेली ब्रिज का गार्डर बिछाने का मुख्य कार्य शुरू होगा।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम, पुल निर्माण निगम के अभियंताओं, एसडीएम और सिटी एसपी ने सेतु के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया। प्रस्तावित बेली ब्रिज 49 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। बीआरओ की तकनीकी टीम के गुरुवार शाम तक भागलपुर पहुंचने की संभावना है।

10 दिनों में टूटे हिस्से को जोड़ने का लक्ष्य

बीआरओ के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर विपिन कुमार चंद्र ने बताया कि सभी जरूरी सामान पहुंचने के बाद गार्डर बिछाने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। बुधवार दोपहर कोलकाता से तीन ट्रक निर्माण सामग्री भागलपुर पहुंची, जबकि नौ ट्रक सामान अगले एक-दो दिनों में आने की उम्मीद है।

वहीं, सेतु की मरम्मत और स्ट्रक्चरल मेंटेनेंस की जिम्मेदारी अब राज्य पुल निर्माण निगम को सौंप दी गई है। इससे पहले यह जिम्मेदारी नेशनल हाइवे प्राधिकरण के पास थी। हालांकि, सफाई और रोशनी की व्यवस्था अब भी एनएच के जिम्मे रहेगी।

इंजीनियर विपिन कुमार चंद्र ने बताया कि 10 दिनों के भीतर बेली ब्रिज तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिला प्रशासन की अनुमति मिलने पर छोटे वाहनों का परिचालन शुरू किया जाएगा।

गौरतलब है कि 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का लगभग 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में समा गया था, जिसके बाद सेतु पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया। सुरक्षा को देखते हुए पुल के दोनों ओर पुलिस बल की तैनाती की गई है।

📲 Naugachia News WhatsApp Group Join करें
Join Now →

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....