नवगछिया : 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु पर 53 गड्ढे हैं। 30 खंभों में लगीं लाइटें खराब हैं। रात के अंधेरे में गड्ढे में गिरने से हादसे की आशंका रहती है। कई बार इन गड्ढों में गिरकर बाइक सवार जख्मी हो चुके हैं। वहीं पुल की सड़क किनारे पर बड़ी बजरी और टूटी रेलिंग भी मुसीबत का सबब है। 6 जगहों पर पुल की रेलिंग टूटी हुई है। पुल की मरम्मत की जिम्मेदारी पहले पथ निर्माण विभाग और पुल निर्माण निगम की थी, लेकिन जून में इसका दायित्व एनएच के पास आ चुका है।
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अगर आप भागलपुर से नवगछिया जा रहे हैं तो 4.7 किमी लंबे विक्रमशिला सेतु को पार करने के लिये 53 गड्ढों से गुजरना होगा। गड्ढे भी कोई छोटे नहीं हैं। ये वे गड्ढे हैं जहां दो क्लेम्प आपस में जुड़ते हैं। इन गड्ढों में उन चेंबरों को भी शामिल किया गया है जो धंस गये हैं। पिछले चार साल बाद भी सुधारा नहीं गया। आखिरी बार 2018 में विक्रमशिला सेतु की मरम्मत की गई थी। एनएच के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि सेतु के मेंटेनेंस के लिए 23 करोड़ से ज्यादा का इस्टीमेट तैयार कर भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जायेगा।
इसमें एप्रोच रोड व दो परतों का डामरीकरण होना है। सेतु पर 100 स्ट्रीट लाइटों को भी बदला जायेगा। टूटी रेलिंग को भी दुरुस्त किया जाना है। जो इस्टीमेट तैयार किया गया है उसमें 14.02 किमी सड़क का भी कार्य शामिल है। पुल पर रेलिंग का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, ऐसे 6 जगह हैं।

