मुजफ्फरपुर और पटना के शेल्टर होम के बाद अब बेगूसराय बालिका गृह भी सवालों के घेरे में है. रविवार की देर शाम बालिका गृह की एक लड़की ने शीशा खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की. मामला संज्ञान में आते ही पूरे सरकारी महकमे में खलबली मच गई है.
रविवार की देर शाम बेगूसराय बालिका गृह की एक लड़की ने कांच का टुकड़ा खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की. लड़की ने वार्डन पर निर्वस्त्र कर पिटाई करने के साथ-साथ अन्य गंभीर आरोप लगाए लगाए हैं. फिलहाल, बच्ची का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है और वरीय पदाधिकारियों के आदेश पर मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है.
बच्ची शेल्टर होम नहीं जाना चाहती
पीड़ित लड़की ने बताया कि बालिका गृह में उसे कम खाना दिया जाता है. साथ ही निर्वस्त्र कर उसकी पिटाई भी की जाती है. बच्ची बेद डरी हुई थी और शेल्टर होम न जाने की बात कह रही थी. वहीं, बच्ची बार-बार कह रही थी कि शेल्टर होम जाने के बाद मैडम उसे फिर से पिटेगी.

बच्ची आसाम की रहने वाली है
पीड़ित बच्ची आसाम की रहने वाली है, जो किसी तरह लखीसराय पहुंच गई थी. बाद में उसे लखीसराय से बेगूसराय बालिका गृह भेज दिया गया था. रविवार की देर शाम कांच का टुकड़ा खाकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश की.
बच्ची ने वार्डन पर प्रताड़ना का लगाया आरोप
जब उससे आत्महत्या के कारणों के बारे में पूछा गया तो उसने रोते हुए बताया कि हमेशा उसे प्रताड़ित किया जाता है. उसकी पिटाई की जाती है, इसलिए वह आत्महत्या करना चाहती है. बच्ची ने बालिका गृह के वार्डन सहित अन्य लोगों पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

शेल्टर होम में काफी गंदगी है
वहीं, एक स्थानीय महिला ने कहा कि वर्षों से चल रहे इस बालिका गृह में रखरखाव सहित अन्य सुविधाओं की भी कमी है. बच्चों की चिल्लाने की भी आवाजें आती है. वहीं, शेल्टर होम में काफी गंदगी है. महिला ने कहा कि चार-पांच महीनों में एक बार सफाई हो जाती है.

वार्डन ने आरोपों का खंडन किया
वहीं, बालिका गृह के वार्डन ने कहा कि यहां बच्चों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा जाता है. चूंकि उन्हें कहीं बाहर निकलने नहीं दिया जाता, इसलिए बच्चों के द्वारा इस बात की शिकायत की जाती है. साथ ही वार्डन ने कहा कि उन्हें मारना तो दूर, बच्चियों को डांटा तक नहीं जाता है. साथ ही कहा कि बच्ची ने कांच खाकर क्यों आत्महत्या का प्रयास किया है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है.


