पटना हाईकोर्ट ने राज्य में प्राइमरी स्कूलों में बड़े पैमाने पर शिक्षकों के बहाली मामले में बीएड डिग्री धारकों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। जस्टिस एके उपाध्याय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि डीएलएड और बीएड डिग्री धारकों को एक समान मानते हुए एक ही मेरिट लिस्ट बनाई जाए। इसके आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
राज्य सरकार के निर्णय को दी गई थी चुनौती
जस्टिस एके उपाध्याय ने इस मामले पर हरे राम कुमार की याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसे बुधवार को सुनाया है। इन याचिकाओं में राज्य सरकार के उस निर्णय को चुनौती दी गई थी, जिसमें डीएलएड उम्मीदवारों को बहाली में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था। साथ ही यह कहा गया था कि इसके बाद पद रिक्त रहने पर ही बीएड उम्मीदवारों को बहाली की जाएगी।

राज्य सरकार के निर्णय को किया अवीकार
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस निर्णय को अस्वीकार करते हुए बीएड डिग्री धारकों को भी शामिल कर एक ही मेरिट लिस्ट बना बहाली करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आशीष गिरी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकारते हुए यह फैसला दिया।


